दरअसल लखनऊ के आशियाना इलाके की औरंगाबाद खालसा कॉलोनी में तेंदुए एक तेंदुआ आ गया था। जब तक वन विभाग की टीम को पता चलता उससे पहले ही वहां के लोगों ने तेंदुए को लाठी-डंडों के साथ दौड़ाना शुरू कर दिया। जिससे घबराकर तेंदुआ अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगा। दो दिन तक वन विभाग की रेस्क्यू टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए मशक्कत करती रही, लेकिन उसे कोई सफलता नहीं मिल सकी। तेंदुआ जब अपनी जान बचाकर भाग रहा था तो उस दौरान कई लोग घायल भी हुए। इस दौरान वन विभाग और पुलिस की काफी लापरवाही भी सामने आई। क्योंकि अगर समय रहते वन विभाग और पुलिस टीम ने सूझबूझ से काम लिया होता तो शायद तेंदुआ जिंदा पकड़ा जा सकता था। लेकिन आखिरकार तेंदुए को पुलिस की गोलियों का शिकार होना पड़ा।