
Lokayukta's action
लखनऊ . लोकायुक्त जस्टिस संजय मिश्रा ने एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर द्वारा पूर्व प्रमुख सचिव, महिला कल्याण रेणुका कुमार तथा पूर्व महिला कल्याण निदेशक भवानी सिंह के खिलाफ प्रस्तुत परिवाद की प्रारंभिक जाँच शुरू कर दी है.
पंकज कुमार उपाध्याय, सचिव लोकायुक्त द्वारा नूतन को पत्र भेज कर इस मामले से संबंधित स्वतंत्र गवाहों की सूची तथा पहले कोई जाँच नहीं होने के संबंध में शपथपत्र माँगा गया है.
शिकायत के अनुसार भवानी सिंह ने 17 तथा 20 मार्च 2017 को रेणुका कुमार को भेजे अपने 03 पत्रों में सुश्री कुमार पर तमाम गंभीर आरोप लगाये थे. इन आरोपों में बिना नियमों के दृष्टि नामक संस्था को 03 करोड़ रुपये, महिला समाख्या को 18 करोड़ रुपये दिए जाने, निदेशालय के लोगों पर फर्जी भुगतान हेतु दवाब देने, गलत नियुक्तियां करने और दलाल पालने जैसे आरोप शामिल थे. इसी प्रकार सुश्री कुमार ने भवानी सिंह, दो अन्य पूर्व समाज कल्याण निदेशक ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी तथा डी एन वर्मा तथा तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री शादाब फातिमा पर भ्रष्टाचार तथा मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाये थे.
नूतन ने शिकायत में कहा है कि इन अधिकारियों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाये लेकिन किसी की भी जाँच नहीं हुई.
Published on:
24 Jan 2019 03:51 pm
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