
पश्चिमी विक्षोभ के असर से 8 जनवरी के बाद प्रदेश में कोहरे और ठंड से मिल सकती है राहत (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Weather Update: प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर रखा है। जनवरी की शुरुआत से ही उत्तर भारत समेत पूरे प्रदेश में शीतलहर, शीत दिवस (कोल्ड डे) और अत्यधिक घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, इसका प्रमुख कारण हाल ही में सक्रिय रहे पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव और पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी है। हालांकि, अब एक बार फिर आगामी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेशवासियों को राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 8 जनवरी के बाद ठंड और कोहरे की तीव्रता में अल्पकालिक सुधार देखने को मिल सकता है।
जनवरी के आरंभ में प्रदेश को प्रभावित करने वाला एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत से आगे बढ़ गया था। इसके गुजरने के बाद जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे बर्फबारी वाले पहाड़ी क्षेत्रों से ठंडी और शुष्क उत्तरी-पश्चिमी/पछुआ हवाएं मैदानी इलाकों की ओर प्रवाहित होने लगीं। इन हवाओं के कारण 4 जनवरी से प्रदेश के न्यूनतम तापमान में प्रभावी गिरावट दर्ज की गई।
कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया, जिससे रातें अत्यधिक ठंडी हो गईं। दिन के समय घने से अत्यधिक घने कोहरे के कारण धूप देर से निकल रही है या कई जगहों पर निकल ही नहीं पा रही, जिससे दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे बना हुआ है। यही वजह है कि प्रदेश के अनेक हिस्सों में शीत दिवस की स्थिति लगातार बनी हुई है।
प्रदेश में बीते कई दिनों से सुबह के समय दृश्यता बेहद कम दर्ज की जा रही है। कई स्थानों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह गई है। घने कोहरे के चलते सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सुबह और रात के समय वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे परिचालन पर भी कोहरे का असर साफ देखा जा रहा है। लंबी दूरी की कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को ठंड और कोहरे के कारण अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।
प्रदेश के कई जिलों में लगातार शीत दिवस की स्थिति बनी हुई है। शीत दिवस तब घोषित किया जाता है जब अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक कम हो जाए। घने कोहरे और सूर्य की रोशनी न मिलने के कारण दिन में भी ठंड का असर बना रहता है। ग्रामीण इलाकों में किसान और मजदूर वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। खेतों में काम करने में दिक्कत आ रही है, वहीं खुले में काम करने वाले मजदूरों को ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, अब जम्मू-कश्मीर पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर मैदानी इलाकों पर भी पड़ेगा। इस पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 9 जनवरी के बाद से 11 जनवरी तक प्रदेश में मौसम के मिजाज में बदलाव देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि इस दौरान, कोहरे के घनत्व में कमी आएगी,न्यूनतम और अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी,शीत दिवस की स्थिति में कमी दर्ज की जा सकती है,हालांकि यह सुधार अल्पकालिक होगा, लेकिन इससे लोगों को भीषण ठंड और कोहरे से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हवाओं की दिशा और गति में बदलाव होगा। इससे ठंडी पछुआ हवाओं की तीव्रता कम होगी और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। खासतौर पर रात के तापमान में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे ठंड का असर कुछ कम महसूस किया जाएगा। दिन के समय भी कोहरे की तीव्रता घटने से धूप निकलने की संभावना बढ़ेगी, जिससे अधिकतम तापमान में इजाफा हो सकता है।
हालांकि मौसम में सुधार के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कोहरे से पूरी तरह राहत फिलहाल नहीं मिलेगी। सुबह और देर रात हल्का से मध्यम कोहरा बना रह सकता है। विशेषकर नदियों के आसपास और तराई क्षेत्रों में कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि कोहरे के दौरान सावधानी पूर्वक वाहन चलाए और फॉग लाइट का प्रयोग करें।
लगातार ठंड और कोहरे को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में है। कई जिलों में अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है। रैन बसेरों में ठहरने वालों के लिए कंबल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, पर्याप्त तरल पदार्थ लेने और अनावश्यक रूप से सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम में होने वाला यह अल्पकालिक सुधार किसानों के लिए भी राहत भरा हो सकता है। अत्यधिक ठंड और कोहरे से फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी और धूप निकलने से गेहूं, सरसों और सब्जी की फसलों को फायदा मिलने की संभावना है।
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Published on:
08 Jan 2026 04:00 am
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