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Video: लखनऊ में लव जिहाद का मामला! नाबालिग हिंदू लड़की लापता, परिजनों ने ताहिर कुरैशी पर लगाया आरोप

Video: लखनऊ के ऐशबाग इलाके में एक नाबालिग हिंदू लड़की के लापता होने का मामला सामने आया है, जिसमें आरोप है कि कानपुर निवासी ताहिर कुरैशी लड़की को बहला-फुसलाकर ले गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरू में मदद की लेकिन बाद में हाथ खड़े कर दिए। मामला बेहद संवेदनशील बन गया है।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Jul 21, 2025

 Video: राजधानी लखनऊ के ऐशबाग इलाके में रहने वाले एक गरीब परिवार के लिए  तनावपूर्ण हालात उत्पन्न कर रहें हैं, जो नैतिक और कानूनी दृष्टि से बेहद संवेदनशील हैं। आरोप है कि कानपुर का रहने वाला एक युवक, ताहिर कुरैशी, नाबालिग हिंदू लड़की को बहला-फुसला कर ले गया और उसे गोमती नगर स्थित एक स्पा सेंटर में रखा रखा है।

गरीब माता-पिता का दर्द

लड़की के माता-पिता बताते हैं कि उन्होंने पुलिस से दो बार मदद ली थी, लेकिन दोनों बार युवक को पुलिस “फिर छोड़ती” रही। इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अनुशासन और जांच को नजरअंदाज किया, जिससे उनका विश्वास टूट गया। उन्होंने दिवाला अवस्था में न्याय के द्वार खटखटाए जाने की गुहार लगाई और रोते-रोते कहा कि “मेरी बेटी को ले गया। पुलिस ने मदद की जगह हमें ही छोड़ दिया। अब तो न्याय मिले, यही हमारी एक आस बाकी है।”

आरोपों की बुनियाद और स्पा सेंटर कनेक्शन

उनका आरोप है कि ताहिर ने लड़की को पहले ऐशबाग से गिराई-फुसला कर गोमतीनगर स्थित स्पा सेंटर में रखा। बताया गया कि वहाँ कई और हिंदू लड़कियों को भी कथित रूप से फँसा रखा गया है। यह मामला “लव जिहाद” के घातक आरोपों से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है,जिसमें एक धर्म के युवक द्वारा दूसरे धर्म की लड़की को बहलाना-फुसलाना शामिल है। फिलहाल, लड़की की लोकेशन की पुष्टि नहीं हो पाई है। परिवार का आरोप है कि पुलिस उसकी स्थिति का पता लगाने में वांछित उत्साह नहीं दिखा रही है।

पुलिस की भूमिका और जवाब

स्थानीय पुलिस सूत्रों के अनुसार, दो बार युवक को हिरासत में लिया गया था, लेकिन सबूतों की कमी के कारण उसे रिहा करना पड़ा। थाने में दर्ज शिकायत की कॉपी देखने पर यह पता चला कि युवा कोई वैध दस्तावेज संलग्न नहीं कर पाया, इसलिए उसे छोड़ा गया। बावजूद इसके, परिवार का आरोप है कि पुलिस ने सक्रिय भूमिका अपनाने में लापरवाही बरती। इलाके के एक आला-सोर्स अधिकारी कहते हैं कि “हमें कानून का पालन करना होता है, अगर आरोप सत्य साबित नहीं हो पाते, तो गिरफ्तारी नहीं हो सकती।”

यह मामला इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि “लव जिहाद” जैसे आरोप समाज में तनाव फैलाते हैं। यहाँ आत्मनिर्भर और जागरूक युवा युग में ऐसी धाराओं से निपटने के लिए विवेकपूर्ण और संवेदनशील दृष्टिकोण आवश्यक है। इस बीच माता-पिता ने मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर लगातार अपनी बातों को पोस्ट करके मांग की है, जिससे उनकी बेटी की सही जगह और सुरक्षित वापसी का रास्ता मिल सके।