
After lucknow Agara express way now bjp making ganga expressway issue
लखनऊ. प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने आज आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस हाईवे पर 5 एम्बुलेंस एवं 10 पेट्रोलिंग वाहनों को झण्डी दिखाकर शुभारम्भ किया गया। इससे पूर्व उन्होंने टोल बूथ के समीप स्थित यूपीडा के कार्यालय क्षेत्र में वृक्षारोपण भी किया।
एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जायेगा
इस मौके पर महाना ने कहा कि एक्सप्रेस-वे पर दुर्घटना पर प्रभावी नियंत्रण पाने के लिए जल्द एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जायेगा। यमुना एक्सप्रेस की तर्ज पर लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों को समस्त प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस के माध्यम से इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। एम्बुलेंस में प्राथमिक चिकित्सा सुविधा से संबंधित सभी एडवांस सेवाएं उपलब्ध होंगी, ताकि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को मौके पर ही राहत दी जा सके।
मानकों को पूरा करने की जिम्मेदारी कम्पनी की
महाना ने टोल-प्लाजा संचालक इगल कम्पनी के अधिकारियों को निर्देश भी दिये कि जिन सेवाओं का आज शुभारम्भ किया जा रहा है, वह मात्र औपचारिकता न हों, बल्कि इसका लाभ लोगों को अवश्य मिलना चाहिए। क्योंकि एक मरीज को पहुंचाई गई सुविधा पूरे सरकार को रिप्रेजेंट करती है। इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। श्री महाना ने कहा कि एक्सप्रेस-वे पर निर्धारित मानकों को पूरा करने की जिम्मेदारी कम्पनी की होगी। टोल प्लाजा पर जाम न लगे कम्पनी को इस विशेष ध्यान देना होगा।
एक्सप्रेस वे से प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये टोल
यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे से प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये टोल प्राप्त हो रहा है, जो उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक है। प्रतिदिन 7 से 10 हजार लोग एक्सप्रेस-वे पर सफर कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इसकी संख्या में और भी इजाफा होगा। एक्सप्रेस-वे के निर्माण हेतु लिए गये ऋण की अदायगी टोल से प्राप्त होने वाले धन से की जा रही है और सरकार पर बोझ भी नहीं पड़ रहा है।
दो माह के भीतर एक्सप्रेस-वे पर सीसीटीवी कैमरा
अवस्थी ने कहा कि टोल कलेक्शन के लिए इगल कम्पनी को 2 साल कान्ट्रेक्ट दिया गया है। आज इस कम्पनी के कार्य का औपचारिक शुभारम्भ किया जा रहा है। उन्होंने कम्पनी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक्सप्रेस-वे पर गाड़ियां जरूरत से ज्याद तेज न चले, इसके लिए चालकों को आगाह किया जाय। दो माह के भीतर एक्सप्रेस-वे पर सीसीटीवी कैमरा लगाने का कार्य पूरा कर लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस सड़क का निर्माण खासतौर से औद्योगिक विकास के लिए गया है। दिसस्बर माह तक पूर्वांचल और बुंदेलखण्ड एक्सप्रेस-वे केे कार्य को जमीनी रूप दे दिया जायेगा।
इस मौके यूपीडा एवं इगल कम्पनी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन यूपीडा में मीडिया सलाहकार दुर्गेश उपाध्याय ने किया।
Published on:
15 Oct 2018 08:36 pm
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