
charbagh railway station
लखनऊ. चारबाग रेलवे स्टेशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए जल्द ही कवायद शुरू की जाएगी। यहां प्लेटफॉर्म के ऊपर मेट्रो की तर्ज पर एक छत बनाई जाएगी। इसके अलावा वाहनों के लिए अंडरग्राउंड रास्ते बनाए जाएंगे। ये रास्ते कैब-वे, मेट्रो स्टेशन और चारबाग की सेकंड एंट्री की तरफ निकलेंगे। इसके लिए 600 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे।
क्या होगा ख़ास
ये अंडरग्राउंड रास्ते कुछ ऐसा एहसास कराएंगे मानो Charbagh Railway Station सुरंगों पर बना हो। यात्रियों की सहूलियत के लिए 15 से ज्यादा एस्केलेटर और लिफ्ट भी लगाई जाएंगी। रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलते ही तीन साल में स्टेशन का निर्माण पूरा हो जाएगा। जानकारी के अनुसार जनवरी 2018 में इसका टेंडर कराया जा सकता है।
ये खाका रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) के साथ उत्तर रेलवे (Northern Railway) के अधिकारियों ने मिलकर तैयार किया है। दोनो ही टीमों के बीच इस प्रोजेक्ट को लेकर कई बैठक की जा चुकी हैं और सोमवार को उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक विश्वेश चौबे के सामने ब्लू प्रिंट रखा गया।
ये होगा फायदा
अंडरपास बन जाने से चारबाग स्टेशन और लखनऊ जंक्शन को मिलाकर यात्रियों की क्षमता साढ़े पांच लाख तक हो जाएगी। मौजूदा समय में यहां दो लाख यात्री आम तौर पर आते हैं। चारबाग स्टेशन पर औसतन 1.30 लाख और जंक्शन पर 90 हजार यात्री आते हैं। चारबाग से 282 ट्रेनों का संचालन किया जाता है और जंक्शन पर 80 से अधिक ट्रेनें संचालित होती हैं। स्टेशन के नवीनीकरण के बाद यहां की क्षमता के दोगुने से भी ज्यादा हो जाएगी।
सतीश कुमार डीआरएम उत्तर रेलवे ने बताया कि स्टेशन को अल्ट्रा मॉडर्न बनाने के लिए डीपीआर तैयार हो चुका है। मौजूदा समय में स्टेशन पर आने वाली गाड़ियों के दबाव के चलते पैदल चलना दूभर हो जाता है। स्टेशन को डेवलप करते समय यहां पर गाड़ियां अंडरग्राउंड चैनल से गुजरेंगे। यू शेप में तैयार किया जाएगा जिसे लखनऊ जंक्शन और मईया के रास्ते से जोड़ा जाएगा। यहां केवल पिक एंड रॉक की व्यवस्था होगी।
Updated on:
18 Dec 2017 04:31 pm
Published on:
18 Dec 2017 03:00 pm
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