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लखनऊ. manish gupta murder case कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की गोरखपुर में हत्या मामले में यूपी सरकार सक्रिय हो गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा कदम उठाते हुए मनीष गुप्ता हत्याकांड जांच सीबीआइ से कराने की सिफारिश की है। इस मामले में यूपी सरकार ने केंद्र को संस्तुति भेज दी है। जब तक सीबीआई जांच शुरू नहीं होती है तब इस मामले की जांच एसआईटी करेगी। इस मामले को गोरखपुर से कानपुर स्थानांतरित करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
केडीए में ओएसडी के पद पर मिली नियुक्ति :- अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि, सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मनीष गुप्ता हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने के लिए भारत सरकार को संस्तुति भेज गई है। स्व. मनीष गुप्ता की पत्नी को कानपुर विकास प्राधिकरण में ओएसडी के पद पर नियुक्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने मनीष गुप्ता के परिवार को 40 लाख रुपए की आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मनीष गुप्ता हत्याकांड :- गोरखपुर में रामगढ़ताल इलाके में स्थित होटल कृष्णा पैलेस में 27 सितंबर को देर रात पुलिस की पिटाई से मनीष गुप्ता की मौत हो गई थी। इस मामले में इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, दरोगा अक्षय मिश्रा व विजय यादव समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इन सभी पर एफआईआर दर्ज की गई है। अभी इन पुलिसकर्मियों की तलाश की जा रही है, जिस वजह से गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
एक अच्छा निर्णय :- मीनाक्षी
कानपुर बर्रा निवासी मृतक मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी ने कहाकि, सीएम योगी ने बड़े भाई की तरह एक अच्छा निर्णय लिए हैं। पर गोरखपुर एडीजी, गलत बयान देकर मेरी हिम्मत तोड़ रहे हैं।
बयान देने से इनकार :- मीनाक्षी ने बताया कि, शुक्रवार सुबह गोरखपुर एसपी क्राइम ने फोन कर कहाकि, मनीष के दोनों साथियों प्रदीप व रिंकू के बयान दर्ज होने हैं। साथ ही उनका भी बयान दर्ज होगा। इस पर मीनाक्षी ने कहाकि, जब केस कानपुर ट्रांसफर हो रहा है तो वहां बयान देने क्यों जाएंगी। उन्होंने गोरखपुर पुलिस को बयान देने से इनकार कर दिया।
पांच सदस्यीय एसआइटी गठित :- सीएम योगी के निर्देश पर पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने एसआइटी का गठन किया। एसआइटी अध्यक्ष अपर पुलिस आयुक्त आनंद कुमार तिवारी और डीसीपी दक्षिण रवीना त्यागी सदस्य होंगी। एडिशनल डीसीपी पश्चिम बृजेश कुमार श्रीवास्तव मुख्य विवेचना अधिकारी होंगे। इसके अलावा इंस्पेक्टर रैंक के दो पुलिस अधिकारी सह विवेचक होंगे। अभी सह विवेचकों के नामों का फैसला नहीं लिया गया है।
Published on:
02 Oct 2021 10:33 am
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