कोरोना अपडेट : दिव्यांग पति, मानसिक बीमार बेटे की मौत, बंद कमरे में चार दिन तक चीखती रही दिव्यांग पत्नी

Corona virus story : जब होम आइसोलेशन में कोरोना से बचाव कर रहे दिव्यांग पति, बेटे की मौत हो जाती है और दिव्यांग पत्नी दोनों की लाश के बीच चीखते चिल्लाते चार दिन गुजार देती है। पर कोई सुनने वाला नहीं मिला।

By: Mahendra Pratap

Updated: 02 May 2021, 11:39 AM IST

लखनऊ. Corona virus story : वक्त ऐसा आ गया है कि अब अपने भी दूर भाग रहे हैं। और पड़ोसी.. तो कई दिन हो जाते हैं कि जब दुआ सलाम छोड़िए एक दूसरे की खबर भी नहीं ले रहे हैं। कोरोना वायरस की इस दहशत की एक बानगी देखिए। जब होम आइसोलेशन में कोरोना से बचाव कर रहे दिव्यांग पति, बेटे की मौत हो जाती है और दिव्यांग पत्नी दोनों की लाश के बीच चीखते चिल्लाते चार दिन गुजार देती है। पर कोई सुनने वाला नहीं मिला। आखिरकार जब घर से तेज बदबू आने लगी तो पड़ोसियों ने पुलिस को फोन किया। और दरवाजा तोड़कर जब पुलिस घर के अंदर दाखिल हुई तो वहां के हालात देखकर होश उड़ गए।

कोरोना को हराना है तो यह सोच है बेहद कारगर, 450 परिवारों ने सोसाइटी कैंपस में बनाया मेडिकल रूम

बदबू ने पड़ोसियों को अलर्ट किया :- मामला राजधानी लखनऊ के कृष्णा नगर थाना क्षेत्र के एलडीए कॉलोनी सेक्टर सी-1 का है। इस घर में दिव्यांग पिता अरविंद गोयल (65 वर्ष), दिव्यांग मां रंजना गोयल (60 वर्ष) और पुत्र ईलू गोयल (25 वर्ष) साथ साथ् रहते थे। कोरोना संक्रमित होने की वजह से तीनों होम क्वारंटीन थे। पिता और बेटे ने कब दुनिया छोड़ दी, पता नहीं चला। पर चलने फिरने में लाचार पत्नी को जब इसका आभास हुआ तो वह चीखी चिल्लाई पर आवाज घर से बाहर नहीं जा सकी। बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को फोन किया। पुलिस ने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा। और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पत्नी की हालात खराब थी, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। अब मामले की जांच चल रही है।

चार दिन पहले देखा था :- पड़ोसियों ने बताया कि 4 दिन पूर्व अरविंद गोयल को घर के अंदर टहलते हुए देखा था, लेकिन उसके बाद उनको नहीं देखा गया। कोरोना के डर से पूरा एरिया सुनसान रहता है, जिस वजह से किसी भी गतिविधि का पता नहीं चल सका।

कोई करीबी परिजन का पता नहीं चला :- कृष्णानगर पुलिस निरीक्षक ने बताया कि इनके परिवार के किसी अन्य सदस्य के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में पिता-पुत्र के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पुलिस द्वारा की जा रही है। वहीं महिला को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

Mahendra Pratap
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned