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Lucknow News: लखनऊ की हाई-प्रोफाइल सोसायटी से साइबर गैंग का खुलासा, रात में ऐसे बनाते थे लोगों को शिकार, 8 लोग हिरासत में

Lucknow Cyber Fraud: लखनऊ के ओमेक्स रेजीडेंसी में पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। 8 लोगों को हिरासत में लिया गया है। कस्टमर सपोर्ट के नाम पर साइबर ठगी करने के आरोप में जांच जारी है।
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लखनऊ

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Dimple Yadav

Jul 17, 2026

Lucknow Fake Call Center Lucknow Cyber Fraud Omaxe Residency Lucknow

फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस की कार्रवाई (photo- x@meevkt)

Lucknow Fake Call Center: राजधानी लखनऊ के शहीद पथ स्थित एक पॉश सोसायटी में गुरुवार देर रात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया। क्राइम ब्रांच और सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी के दौरान मौके से आठ लोगों को हिरासत में लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह खुद को कस्टमर सपोर्ट एग्जीक्यूटिव बताकर लोगों को ठगी का शिकार बनाता था।

देर रात शुरू हुई कार्रवाई, सुबह तक चली जांच

पुलिस को सूचना मिली थी कि ओमेक्स रेजीडेंसी के एक फ्लैट से संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इसके बाद क्राइम ब्रांच, साइबर सेल, एसओजी और स्थानीय पुलिस की टीम ने देर रात संयुक्त ऑपरेशन चलाया। कार्रवाई कई घंटों तक चली और शुक्रवार सुबह तक पुलिस मौके पर साक्ष्य जुटाने में लगी रही। छापेमारी के दौरान कई लोग चेहरे छिपाकर बाहर निकलते दिखाई दिए। पुलिस ने आठ लोगों को मौके से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

कस्टमर सपोर्ट के नाम पर करते थे ठगी

प्रारंभिक जांच के मुताबिक, आरोपी खुद को बैंक, ई-कॉमर्स कंपनी या अन्य संस्थानों का कस्टमर सपोर्ट कर्मचारी बताकर लोगों को फोन करते थे। बातचीत के दौरान वे तकनीकी समस्या या अकाउंट वेरिफिकेशन का बहाना बनाकर ओटीपी, बैंक डिटेल और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे। जानकारी मिलते ही पीड़ितों के खातों से पैसे निकाल लिए जाते थे। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया गया।

हर टीम में तय थी जिम्मेदारी

जांच में यह भी सामने आया है कि कॉल सेंटर में काम करने वाले लोगों को अलग-अलग टीमों में बांटा गया था। हर टीम में दो सदस्य होते थे। एक व्यक्ति बातचीत शुरू करता था, जबकि दूसरा बातचीत को आगे बढ़ाकर ठगी की प्रक्रिया पूरी करता था। पुलिस इनकी कार्यप्रणाली और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

विदेश से आने वाली कॉल की भी जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कॉल सेंटर में कुछ कॉल विदेश से ट्रांसफर होकर भी आती थीं। इसी वजह से यहां रात के समय अधिक गतिविधियां होती थीं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस गिरोह का संबंध किसी अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क से तो नहीं है।

लैपटॉप और मोबाइल जब्त

छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इन सभी डिवाइस का डिजिटल डेटा खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में मिले इनपुट की तुलना राजधानी में पहले पकड़े गए अन्य फर्जी कॉल सेंटर मामलों से भी की जा रही है।

पुलिस कर रही पूरे नेटवर्क की जांच

फिलहाल सभी संदिग्धों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जी कॉल सेंटर का मास्टरमाइंड कौन है, ठगी की रकम कहां भेजी जाती थी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।