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पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे ने चार्ज संभालते ही कर दिया बड़ा ऐलान, कहा अब लगेगा कम वक्त

- लखनऊ के पहले पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे ने संभाला चार्ज - चार्ज संभालते ही कहा पब्लिक के लिए 24 घंटे करेंगे काम - स्मार्ट और बेहतर पुलिसिंग से करेंगे कार्य

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पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे ने संभाला चार्ज, कहा पब्लिक को हर हाल में रिलीफ देंगे

पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे ने संभाला चार्ज, कहा पब्लिक को हर हाल में रिलीफ देंगे

लखनऊ. राजधानी लखनऊ के पहले पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे (Sujit Pandey) ने बुधवार को चांर्ज संभाला। उन्होंने एसएसपी ऑफिस में अपना पदभार ग्रहण किया। चार्ज संभालने के बाद सुजीत पांडे ने अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पूरा करने का वादा किया। सरकार ने उन पर जो भरोसा जताया है, उस पर वे खरे उतरने की कोशिश करेंगे। स्मार्ट और बेहतर पुलिसिंग से 24 घंटे जनता की सेवा करेंगे। बता दें कि पुलिस कमिश्नर प्रणाली (Police Commissionerate System) लागू होने के बाद सुजीत पांडे को लखनऊ का पहला पुलिस कमिश्नर बनाया गया था, वहीं आलोक सिंह को नोएडा की जिम्मेदारी दी गई है।

नागरिकता केंद्रित सेवाओं में सुधार पहली प्राथमिकता

सुजीत पांडे ने कहा कि उनकी और टीम की यही कोशिश रहेगी कि नागरिकता केंद्रित सेवाओं में सुधार पहली प्राथमिकता रहेगी। यूपी 112, यूपी कॉप एप जैसी जन सुविधाओं को और बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा। नई व्यवस्थाएं लागू होने के साथ ही नई चुनौतियां भी मिल रही हैं। इससे जिम्मेदारियां बढ़ गईं हैं। उन्हें जो अधिकार, जो जिम्मेदारियां दी गई हैं उसका वह पूरी तरह से निर्वाहन करेंगे। पहले जिन सर्विस को देने में टाइम लगता था, उस टाइम गैप को कम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उऩका व उऩकी टीम का एक ही उद्देश्य है कि आम जनता को कितना फायदा हो। यही शासन की मंशा भी है।

कमिश्नर के पास होगी यह जिम्मेदारी

पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे एसएसपी ऑफिस में बैठेंगे। क्योंकि यह पहली बार है कि उत्तर प्रदेश में कमिश्नर प्रणाली लागू की गई है, इसलिए थाने से लेकर जोन तक की व्यवस्था नए सिरे से की जाएगी। मंगलवार को डीजीपी ओपी सिंह ने लखनऊ व नोएडा के पुलिस कमिश्नरों संग मींटिंग की और अपने अफसरों के कार्यक्षेत्र का बंटवारा करने के निर्देश दिए। अब दोनों जिलों के पुलिस कमिश्नर तय करेंगे कि गठित जोन और परिक्षेत्रों में कितने-कितने थाने होंगे व किस उपायुक्त के साथ कौन अपर पुलिस उपायुक्त और कौन सहायक आयुक्त तैनात होगा। पुलिस की जवाबदेही बढ़ गई है। ऐसे में जनता को और ज्यादा सुरक्षा देने की जरूरत है।

दो हिस्सों में बंटी पुलिस की जिम्मेदारी

कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद लखनऊ पुलिस की जिम्मेदारी को दो हिस्सों में बांट दिया गया है। लखनऊ शहर में 40 थाने जबकि लखनऊ ग्रामीण के दायरे में 5 थाने आएंगे। लखनऊ नगर के 40 थाने ही पुलिस कमिश्नर के दायरे में आएंगे।

नई प्रणाली में 56 लोगों की टीम

नई प्रणाली में 56 लोगों की टीम होगी। इसमें पुलिस महानिरीक्षक स्तर के दो पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक स्तर के 10 पुलिस आयुक्त, पांच पुलिस उपायुक्त, 13 अपर पुलिस उपायुक्त, (जिनमें एक स्टाफ ऑफिसर की जिम्मेदारी, एक यातायात, अपराध, कानून व्यवस्था, मुख्यालय, अभिसूचना, सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएंगे। इसके अलावा 28 सहायक पुलिस आयुक्त हैं। ये सभी पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी होंगे। इनमें 14 सर्किल में तैनात होंगे। एक कानून-व्यवस्था, तीन यातायात, दो अपराध, एक लाइन्स, दो लेखा व कार्यालय, एक अभिसूचना, दो सुरक्षा व दो महिला अपराध से संबंधित मामले देखेंगे।

लखनऊ में 10 डीसीपी तैनात

लखनऊ में 10 डीसीपी की नियुक्ति की गई है। इनमें सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, रईस अख्तर, चारु निगम, दिनेश सिंह, सोमेन वर्मा, शालिनी, प्रमोद कुमार तिवारी, अरुण कुमार श्रीवास्तव, ओम प्रकाश सिंह और पूजा यादव की तैनाती डीसीपी लखनऊ के पद पर की गई।

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