
हिंदू युवा वाहिनी भारत पार्टी हो गई खत्म जानिए क्यों
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अचानक हिंदू युवा वाहिनी भारत पार्टी चर्चा में आ गई। शनिवार दोपहर हिंदू युवा वाहिनी भारत का अपना झंड़ा और अपनी पहचान खत्म हो गई। हिंदू युवा वाहिनी भारत पार्टी की नई पहचान अब साइकिल हो गई है। मतलब हिंदू युवा वाहिनी भारत अब समाजवादी पार्टी के नाम से पुकारी जाएगी। और उसके अध्यक्ष सुनील सिंह नहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव होंगे। जानिए कैसे हुआ हिंदू युवा वाहिनी भारत का जन्म।
लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर शनिवार ठीक 12.30 पर हिन्दू युवा वाहिनी भारत पार्टी और उसके अध्यक्ष सुनील सिंह दोनों ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बन गए। समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश सिंह यादव उनका स्वागत किया।
हिंदू युवा वाहिनी भारत का जन्म के पीछे हिंदू युवा वाहिनी सेना रही है। रामनवमी के दिन योगी आदित्यनाथ ने अप्रैल 2002 में हिंदू युवा वाहिनी सेना का गठन किया था। गठन के वक्त योगी आदित्यनाथ ने इसे एक विशुद्ध रूप से सांस्कृतिक संगठन बताया था। जिसका मकसद हिंदू विरोधी, राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को रोकना था। योगी ने हिंदू युवा वाहिनी को गोरखपुर के दायरे से बाहर निकालकर पूरे पूर्वांचल में इसकी मजबूत नेटवर्किंग की थी।
हिंदू युवा वाहिनी (हियुवा) संगठन की वजह से योगी आदित्यनाथ को एक हिन्दू मठाधीश की पहचान मिली। हिन्दू समाज में उन्हें अपनी अलग पैठ बनाने में कामयाबी मिली। फायर ब्रांड सुनील सिंह को हिंदू युवा वाहिनी की कमान दी गई, और काफी लम्बे समय तक उन्होंने हिंदू युवा वाहिनी को चर्चा में बनाए रखा। पर लोकसभा चुनाव टिकट नहीं मिलने के बाद योगी आदित्यनाथ के बीच कुछ मनमुटाव आ गया। और सीधे सीधे योगी खिलाफ ताल ठोंका दी। इस पर सुनील सिंह ने कहा कि भाजपा ने योगी आदित्यनाथ पर काला जादू कर दिया है।
योगी के खास सिपहसालार सुनील सिंह ने जब विधानसभा चुनाव में हियुवा के बैनर पर भाजपा के खिलाफ प्रत्याशी उतारे जाने की घोषणा की, तब उनको संगठन से निकाल दिया गया था। इसीके बाद हिन्दू युवा वाहिनी भारत संगठन का जन्म हुआ। सुनील सिंह इसके अध्यक्ष बने। आज 18 जनवरी शनिवार दोपहर ठीक 12.30 पर हिन्दू युवा वाहिनी भारत संगठन खत्म हो गया। उसका विलय समाजवादी पार्टी में हो गया।
Published on:
18 Jan 2020 03:17 pm
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