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Lucknow हनी ट्रैप कांड: नाबालिग फंसा, 25 लाख रंगदारी, महिला सहित गिरोह फरार

Lucknow Honey Trap: लखनऊ के ठाकुरगंज में हनी ट्रैप का सनसनीखेज मामला सामने आया, नाबालिग को फंसा कर ले जाने और 25 लाख रंगदारी मांगने का आरोप, महिला सहित गिरोह पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Apr 16, 2026

लखनऊ: ठाकुरगंज में हनी ट्रैप का बड़ा खुलासा, नाबालिग को फंसाने वाली महिला पर गंभीर धाराओं में मुकदमा (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

लखनऊ: ठाकुरगंज में हनी ट्रैप का बड़ा खुलासा, नाबालिग को फंसाने वाली महिला पर गंभीर धाराओं में मुकदमा (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Lucknow Honey Trap Case: राजधानी के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज हनी ट्रैप का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। आरोप है कि एक महिला ने 16 वर्षीय नाबालिग लड़के को बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसाया और फिर उसे लेकर फरार हो गई। मामले में पुलिस ने आरोपी महिला और उसके गिरोह के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो और रंगदारी जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप

पीड़ित परिवार के अनुसार, आरोपी महिला ने सुनियोजित तरीके से नाबालिग लड़के को अपने जाल में फंसाया। धीरे-धीरे उससे संपर्क बढ़ाया गया और फिर उसे अपने साथ ले जाया गया। परिवार को जब इस बात की जानकारी हुई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पीड़ित मां की गुहार

पीड़ित की मां ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि इस पूरे मामले में एक संगठित गिरोह शामिल है, जो भोले-भाले लोगों को निशाना बनाकर उनसे मोटी रकम वसूलता है। उन्होंने आरोपी महिला और उसके सहयोगियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

25 लाख की रंगदारी का आरोप

मामले में यह भी सामने आया है कि गिरोह के कुछ सदस्य पीड़ित परिवार से 25 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे थे। इस दौरान की कुछ गतिविधियां कैमरे में कैद होने का भी दावा किया जा रहा है। इससे यह मामला और भी गंभीर हो गया है और पुलिस इसे संगठित अपराध के रूप में देख रही है।

आरोपी महिला और गिरोह की भूमिका

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी महिला आतिका सिद्दीकी अपने परिवार के साथ मिलकर इस पूरे हनी ट्रैप रैकेट को चला रही थी। इस गिरोह में कुछ कथित सामाजिक कार्यकर्ता और फर्जी पत्रकार भी शामिल बताए जा रहे हैं, जो सोशल मीडिया के जरिए दबाव बनाने का काम करते थे।

सोशल मीडिया का दुरुपयोग

आरोप है कि गिरोह के सदस्य फर्जी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करते थे, जिससे पुलिस और प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके। इस तरह की गतिविधियों से न केवल जांच प्रभावित होती है, बल्कि आम लोगों में भ्रम भी फैलता है।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में आरोपी महिला द्वारा लगाए गए कुछ आरोप फर्जी पाए गए हैं, जिसके बाद उसके खिलाफ भी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे गिरोह की पहचान कर उसे पकड़ने में जुटी हुई है।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

मुख्य आरोपी महिला आतिका सिद्दीकी फिलहाल फरार बताई जा रही है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। इसके साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

संरक्षण देने के आरोप

इस मामले में यह भी आरोप सामने आया है कि कुछ तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार आरोपी महिला को संरक्षण दे रहे हैं। इससे पुलिस की कार्रवाई में बाधा उत्पन्न हो रही है। पुलिस ऐसे लोगों की भी पहचान कर रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

कानून व्यवस्था पर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जरूरत महसूस की जा रही है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अंजान व्यक्ति के संपर्क में आने से पहले सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। खासकर बच्चों और किशोरों को ऐसे मामलों से बचाने के लिए जागरूकता जरूरी है।