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संयुक्‍त किसान मोर्चा के भारत बंद को मायावती का समर्थन कहा, तीनों कृषि कानूनों को वापस ले केंद्र

- किसान समाज के प्रति उचित सहानुभूति व संवेदनशीलता दिखाते हुए तीनों विवादित कृषि कानूनों को वापस ले केंद्र सरकार : मायावती

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Mayawati

लखनऊ. BSP President supports United Kisan Morcha केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ संयुक्‍त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha ) 27 सितंबर को भारत बंद (Bharat Bandh) करेगा। संयुक्‍त किसान मोर्चा में देश के 40 किसान संगठन शामिल हैं। संयुक्‍त किसान मोर्चा के ऐलान के पक्ष में बहुजन समाज पार्टी मुखिया मायावती ने कहाकि, संयुक्त किसान मोर्चा के 'भारत बंद' को बसपा का समर्थन है। साथ ही केंद्र सरकार से अपील की है कि, इन तीन कृषि कानूनों को वापस ले।

भारत बंद पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को अपने ट्विट पर जहां संयुक्‍त किसान मोर्चा की मांग को समर्थन दिया वहीं केंद्र सरकार अपील की किसानों की हित की सोचे। मायावतीन ने लिखा कि, केन्द्र द्वारा जल्दबाजी में बनाए गए तीन कृषि कानूनों से असहमत व दुखी देश के किसान इनकी वापसी की मांग को लेकर लगभग 10 महीने से पूरे देश व खासकर दिल्ली के आसपास के राज्यों में तीव्र आन्दोलित हैं व कल ’भारत बंद’ का आह्वान किया है जिसके शान्तिपूर्ण आयोजन को बीएसपी का समर्थन है।

किसान खुश व खुशहाल तो देश खुश व खुशहाल :- मायावती ने आगे लिखा कि, साथ ही, केन्द्र सरकार से भी पुनः अपील है कि किसान समाज के प्रति उचित सहानुभूति व संवेदनशीलता दिखाते हुए तीनों विवादित कृषि कानूनों (three hasty agricultural laws ) को वापस ले तथा आगे उचित सलाह मशविरा व इनकी सहमति से नया कानून लाए ताकि इस समस्या का समाधान हो। किसान खुश व खुशहाल तो देश खुश व खुशहाल।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में मिल रहा समर्थन :- 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में हुई महापंचायत (Kisan Mahapanchayat) में संयुक्त किसान मोर्चा ने 27 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया था। कृषि कानूनों को रद्द करने और महंगाई समेत तमाम मुद्दों को लेकर ये बंद बुलाया गया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस बंद के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। मोर्चा के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई व्यापर मंडल, टेंपो एसोसिएशन, वकील संगठनों ने इस बंद को समर्थन देने का ऐलान किया है।

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