
लखनऊ में निजी मकान पर होर्डिंग लगाने के लिए लाइसेंस जरूरी, जानें कितनी देनी होगी फीस
लखनऊ. राजधानी लखनऊ में जिन मकानों पर होर्डिंग (hoarding) लगी हुई है, वह सावधान हो जाएं। लखनऊ नगर निगम प्रशासन के नए आदेश के तहत अब किसी के निजी मकान पर अगर प्रचार की होर्डिंग लगी है तो उस मकान मालिक को शुल्क अदा करना होगा। निजी मकान पर होर्डिंग लगवाने के लिए अब नगर निगम से लाइसेंस बनवाना होगा। अगर मकान मालिक लाइसेंस फीस नहीं जमा कर पाता है तो प्रचार लाइसेंस फीस को गृह कर में जोड़ दिया जाएगा।
विज्ञापन अनुज्ञा शुल्क देना होगा :- अभी तक नगर निगम लखनऊ शहर में लगने वाली होर्डिंग व अन्य प्रचार पर विज्ञापन कर वसूलता था, पर जीएसटी में विज्ञापन कर की व्यवस्था खत्म कर दी गई। इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने उपविधि बनाकर विज्ञापन कर की बजाए विज्ञापन अनुज्ञा शुल्क वसूलने की योजना बनाई। जिसे शासन से मंजूरी मिल चुकी है।
भवनस्वामी को लेना होगा लाइसेंस:- नगर निगम इस नई नियमावली से पूर्व विज्ञापन एजेंसी से टैक्स वसूलता था। पर नई नियमावली में भवनस्वामी को लाइसेंस लेना होगा। इस व्यवस्था से विज्ञापन एजेंसियां टैक्स की चोरी नहीं कर पाएंगी।
नोटिस जारी किया जाएगा :- अपर नगर आयुक्त
अपर नगर आयुक्त अर्चना द्विवेदी ने बताया कि, नई नियमावली के तहत होर्डिंग वाले आवासीय और अनावासीय भवन मालिकों को नगर निगम से अनुमति लेनी होगी। और इसकी फीस अदा करनी होगी। सर्वे चल रहा है। सभी भवनस्वामियों को नोटिस जारी किया जाएगा, जिन पर होर्डिंग लगी है।
होर्डिंग के आधार पर लाइसेंस फीस :- बताया जा रहा है कि होर्डिंग के आधार पर लाइसेंस फीस निर्धारित की जाएगी। जैसे 200 से 300 वर्ग फीट तक 20,400 रुपए, 301 से 600 वर्ग फीट तक 40,800 रुपए, 601 से 1200 वर्ग फीट तक 81,600 रुपए, 1200 वर्ग फीट से अधिक 1800 वर्ग फीट तक-1,02000 रुपए है।
Published on:
07 Aug 2021 06:40 pm
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