
लखनऊ पुलिस की वेबसाइट लॉन्च, घर बैठे मिलेगा चरित्र प्रमाण पत्र
लखनऊ. राजधानी में अब चरित्र सत्यापन कराना हो या किराएदारों के सत्यापन का काम हो, इसके लिए अब लोगों को थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने लखनऊ कमिश्नरेट की वेबसाइट लांच की है। इसके तहत चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट, सत्यापन, लोक शिकायत, कम्युनिटी पुलिसिंग व अन्य सेवाओं से संबंधित करीब पांच हजार जानकारियां प्राप्त हो सकेंगी। इसके लिए 50 रुपये का शुल्क जमा करना होगा। 15 दिन के भीतर प्रमाण पत्र ऑनलाइन मिल जाएगा।
सुजीत पांडेय ने कहा कि, वेबसाइट 'वयं रक्षणाय सेवामहे' स्लोगन (यानी कि आपकी सेवा करना हमारा लक्ष्य) के साथ लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट सुरक्षा का संदेश देगी। इस दौरान ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर निलाब्जा चौधरी भी मौजूद रहे।
वेरिफिकेशन होते ही आएगा मेसेज
इस वेबसाइट की मदद से कोई भी व्यक्ति किसी के चरित्र सत्यापन का पता लगा सकता है। वेरिफिकेशन होते ही मैसेज मिल जाएगा। सत्यापन की प्रक्रिया हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सम्भव होगी। मकान मालिक किराएदार के बारे में पुलिस को जानकारी देंगे। वहीं, अगर सत्यापन में देरी होती है तो संबंधित थानों को नोटिस दी जाएगी।
नजर रखने में मदद करेगी तीसरी आंख
राजधानी में होने वाली गतिविधियों को कंट्रोल लगाने के लिए पुलिस ने नया तरीका निकाला है। पुलिस ने 12 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों की मैपिंग 112 कंट्रोल रूम से की है। इनकी मदद से शहर में कहीं पर होने वाली किसी भी घटना के बाद चंद मिनटों में यह पता लग जाएगा कि घटनास्थल के पास कैमरा कहां लगा है।
12,188 कैमरे तलाशे गए
सुजीत पांडेय ने कहा कि लखनऊ में कुल 12 हजार 188 कैमरों को लोकेट किया गया है। लगभग 1156 कैमरे बैंकों में लगवाए गए हैं। ऐसे लगभग कुल 14 से साढ़े 14 सभी कैमरों को 112 से मैप किया गया है। दो महीनों में सभी बैंक कैश वैन के कैमरों को इंटीग्रेट करके हम एक कंट्रोल रूम से जोड़ेंगे और इन्हें मॉनिटर भी कर सकेंगे। जिससे किसी भी घटना के घटित होने पर कम समय में ही पुलिस अपनी कार्यवाही पूरी कर सकेगी।पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने बताया कि घरों, दुकानों और अन्य प्राइवेट प्रतिष्ठानों के बाहर सड़क की तरफ लगे सीसीटीवी कैमरों को एक-एक करके तलाशा गया। इसके बाद उन सभी कैमरों के लॉन्गीट्यूट और लैटीट्यूट की मदद से उनको पुलिस कंट्रोल रूम 112 से मैप करवाया जा रहा है। अब इसकी मदद से किसी भी घटना के बाद पुलिस कंट्रोल रूम से मिनटों में पता लगा लेगी कि घटनास्थल के पास कहां-कहां सीसीटीवी कैमरे लगे है। इसके बाद पुलिसकर्मी सीधे वहां पहुंच कर कैमरों की फुटेज देख सकेगी जिससे कि अपराधी जल्द पकड़ में आ जाए।
बैंक के अंदर लगे कैमरों को जोड़ेंगे कंट्रोल रूम से
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इन कैमरों के लिए आईटीएमएस और दृष्टि के तहत शहरभर में लगे एक हजार कैमरों को भी 112 कंट्रोल रूम से मैप किया जा रहा है। आने वाले समय में बैंक के अंदर और कैश वैन पर लगे 1156 कैमरों को सीधे कंट्रोल रूम से जोड़ने जाने का प्रयास किया जाएगा। कैमरों को चिन्हित कर चेक करवाया जा रहा है।
Published on:
08 Sept 2020 03:49 pm
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