
akhilesh yadav
लखनऊ. सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर एक नया विवाद शुरू हो गया है। जहां कुछ लोग उन्हें गुर्जर तो कुछ क्षत्रिय का दावा पेश कर रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने 22 सितंबर को दादरी के मिहिर भोज पीजी कॉलेज में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण किया था प्रतिमा की शिलापट्ट से गुर्जर शब्द गायब था। इस लेकर गुर्जर समाज नाराज हो गए। सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहाकि, ये इतिहास में पढ़ाया जाता रहा है कि सम्राट मिहिर भोज गुर्जर-प्रतिहार थे पर भाजपाइयों ने उनकी जाति ही बदल दी है। यह निंदनीय है!
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने रविवार को ट्विट करते हुए कहाकि, ये इतिहास में पढ़ाया जाता रहा है कि सम्राट मिहिर भोज गुर्जर-प्रतिहार थे पर भाजपाइयों ने उनकी जाति ही बदल दी है। निंदनीय! छलवश भाजपा स्थापित ऐतिहासिक तथ्यों से जान-बूझकर छेड़छाड़ व सामाजिक विघटन करके किसी एक पक्ष को अपनी तरफ़ करती रही है। हम हर समाज के मान-सम्मान के साथ हैं!
इससे पूर्व ओबीसी समाज की जनगणना के मुद्दे पर भाजपा पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा था कि, भाजपा सरकार ने लम्बे समय से चली आ रही ‘ओबीसी’ समाज की गणना की मांग ठुकरा कर साबित कर दिया कि वो ‘अन्य पिछड़ा वर्ग’ को गिनना नहीं चाहती है क्योंकि वो ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में उनका हक़ नहीं देना चाहती है। धन-बल की समर्थक भाजपा शुरू से ही सामाजिक न्याय की विरोधी है।
Published on:
26 Sept 2021 02:30 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
