अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री योगी से सीख लेनी चाहिए : सिद्धार्थनाथ सिंह

Siddharthnath Singh Akhilesh Yadav Retort - सिद्धार्थनाथ सिंह का सपा मुखिया को करारा जवाब
- अखिलेश आत्ममुग्धता से बाहर आकर करें कोरोना पीड़ितों की मदद
- डबल्यूएचओ, नीति आयोग, बॉम्बे हाईकोर्ट कर रहा योगी मॉडल की तारीफ
- अखिलेश फैला रहे जनता में सिर्फ भ्रम
- ओछी राजनीति व ऊलजलूल बयानबाजी कर सपा उड़वा रही अपना मजाक

 

By: Mahendra Pratap

Published: 16 May 2021, 05:34 PM IST

लखनऊ. Siddharthnath Singh Akhilesh Yadav Retort कोरोना वायरस पर लगाम लगने के लिए सरकार की बनाई योजनाओं के लिए यूपी सीएम योगी आदित्यानाथ की विश्व की एक बड़ी संस्था डबल्यूएचओ, देश का नीति आयोग और बॉम्बे हाईकोर्ट तारफ कर रहा है वहीं समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश सरकार का मखौल उड़ा रहे हैं। जिस पर योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने सपा मुखिया को करारा जवाब दिया है।

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सीएम योगी के पॉज़िटिव होने के बाद भी काम जारी था :- कैबिनेट मंत्री और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने सपा मुखिया अखिलेश यादव की बयानबाजी पर नाराजगी जताते हुए कहाकि, अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री योगी से सीख लेनी चाहिए कि कोरोना पॉज़िटिव होते हुए भी वो लगातार जनता के हितों के लिए काम करते रहे। अस्वस्थता में भी एक पल आराम नहीं किया। लगातार अधिकारियों के साथ मीटिंग करते रहे। नेगेटिव होते ही बिना देरी किए जिलों में कोरोना प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा में निकल गए।

एसी कमरे में बैठ टिप्पणी करना आसान :- सपा मुखिया अखिलेश यादव को आईना दिखाते हुए सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहाकि, अपने घर की बंद चहारदीवारी में एसी कमरे में बैठ कर अनाप शनाप राजनीतिक टिप्पणी करना आसान है। पहले अखिलेश ने ‘बीजेपी की वैक्सीन’ के नाम पर जनता के बीच भ्रम फैलाया और अब वैक्सीन पर एक नीति बनाने की बात कर रहे हैं। हर बार अपने भ्रामक बयानों से जनता को बरगलाना ठीक नहीं है। इस संकटकाल में यह एक ओछी राजनीति है।

अखिलेश से पूछा खुद कितनी जगह गए :- सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अखिलेश यादव से सवाल करते हुए कहाकि, बताएं कि वो खुद कितनी जगहों पर गए, वहां की जमीनी हकीकत जानी और प्रदेश के नागरिकों की किस प्रकार से मदद की? सीएम योगी अब तक लगभग 38 जिलों में कोरोना संक्रमण को वृहद स्तर पर रोकने के लिए चल रही तैयारियों का जायजा स्वयं ग्राउंड पर जाकर या वर्चुअल माध्यम से कर चुके हैं।

तीन बड़ी संस्याओं ने सीएम योगी की तारीफ की :- सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहाकि, डबल्यूएचओ योगी सरकार के गांव-गांव टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट का बखान कर रहा है। नीति आयोग ने राज्य में ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए लगे ऑक्सीजन ट्रांसपोर्ट ट्रैकिंग सिस्टम की प्रशंसा की है। वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी बच्चों को बचाने के प्रयासों को लेकर यूपी सरकार की तैयारियों की सराहना की है।

ऊलजलूल बयानबाजी ठीक नहीं:- सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि, एक ओर जहां नीति आयोग, डब्ल्यूएचओ, मुंबई हाई कोर्ट जैसी सम्मानित संस्थाएं उत्तर प्रदेश सरकार के कोविड प्रबंधन मॉडल की सराहना कर रही हैं, वहीं ऊलजलूल बयानबाजी कर सपा जनता के बीच में अपना ही मजाक उड़वा रही है। उन्होंने अखिलेश यादव को सलाह दी कि वो आत्ममुग्धता की स्थिति से बाहर आएं और जमीनी स्तर पर मानवता धर्म को निभाते हुए कोविड ग्रस्त मरीजों की मदद करें।

योगी सरकार के कामों को गिनवाया :- योगी सरकार के कामों को गिनवाते हुए सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि, पिछले साल की तरह ही राज्य सरकार गरीब कामगारों, मजदूरों के भरण-पोषण के लिए राशन और वित्तीय सहायता प्रदान करने जा रही है। 60 हजार से अधिक निगरानी समितियों के चार लाख सदस्य गांव-गांव घूमकर संदिग्ध संक्रमितों की पहचान कर उन्हें रैपिड रिस्पांस टीम से टेस्ट कराने और आवश्यक दवाओं की किट पहुंचाने में जुटे हैं। सीएम योगी जी के नेतृत्व में चल रहे इन तमाम प्रयासों से उत्तर प्रदेश की 24 करोड़ की आबादी में 16 करोड़ से ज्यादा लोगों के बीच सरकार पहुंची है। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक साढ़े चार करोड़ से अधिक लोगों के टेस्ट किए जा चुके हैं। लगभग 1 करोड़ 45 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया गया है। कम्युनिटी किचन के माध्यम से सभी जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाया जा रहा है।

Mahendra Pratap
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