
नेताओं का पढ़ा-लिखा होना जरूरी नहीं, यूपी सरकार के एक मंत्री का गंभीर बयान
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में हमेशा यह चर्चा होती थी कि विधायकों और मंत्रियों को कितना पढ़ा लिखा होना चाहिए। कुछ लोग कहते हैं कि वह खूब पढ़ा लिखा होना चाहिए जिससे विकास और योजनाओं को समझने में आसानी होगी। पर आज योगी सरकार के एक मंत्री ने यह तय कर दिया कि अब नेताओं का पढ़ा-लिखा होना जरूरी नहीं, क्योंकि शिक्षित लोग गलत माहौल पैदा करते हैं।
अब आपको उत्सुकता पैदा हो रही होगी उत्तर प्रदेश सरकार का वह काबिल मंत्री कौन हैं। उनका नाम है जय कुमार सिंह जैकी, उनके पास यूपी के जेल का कार्यभार है। मामला उत्तर प्रदेश के सीतापुर के महमूदाबाद का है। कारागार राज्य मंत्री जय कुमार सिंह जैकी ने मंगलवार को सेठ राम गुलाम इंटर कॉलेज में बच्चों को संबोधित करते हुए कहाकि समाज में पढ़े-लिखे लोग माहौल खराब करते हैं, नेता का पढ़ा-लिखा होना जरूरी नहीं। पढ़ने-लिखने से कुछ नहीं होता, पढ़े-लिखे गुलामी करते हैं, उन्होंने कहा कि आईएएस और आईपीएस जैसे अधिकारी के बीच में बैठता हूं तो वो कहते है कि नेता पढ़े-लिखे नहीं होते, वो हम पढ़े-लिखे लोगों को चलाते हैं, नेता का पढ़ा लिखा होना जरूरी नहीं, मेरे पास निजी सचिव है, विभागाध्यक्ष हैं।
राज्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि, नेता को ज्ञान और डिग्री से कोई मतलब नहीं है। नेता को विजनरी वाला होना चाहिए। अगर मैंने कहा कि, आईटीआई बनना है तो ये काम इंजीनियर का है कि वह कैसे बनेगा? राज्यमंत्री ने बच्चों से कहा, पढ़ाई के साथ-साथ किसको क्या बनाना है? ये पहले ही तय करना चाहिए। इससे अपना लक्ष्य प्राप्त करने में आसानी रहती है। उन्होंने अपना उदाहरण पेश किया। कहा, मैंने पढ़ाई के दौरान अपना लक्ष्य तय कर लिया था। मुझे नेता बनना था। इसलिए पढ़ाई के समय से ही अपने भीतर एक लीडर के गुण शामिल करने लगे थे।
Published on:
29 Jan 2020 02:56 pm
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