उत्तर प्रदेश में विधायक निधि बहाल, मिले 3 करोड़ रुपए

- अब गरीबों को इलाज के लिए विधायक दे सकेंगे 25 लाख रुपए
- कोरोना महामारी की वजह से विधायकों निधि थी सस्पेंड
- विकास के लिए मिले 3 करोड़ रुपए

By: Mahendra Pratap

Published: 05 Mar 2021, 05:41 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहा है वैसे-वैसे यूपी के विधायकों के पेशानी पर बल पड़ रहा है। क्षेत्र के विकास के लिए विधायक निधि की जरूरत है पर कोरोना संक्रमण की वजह से योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए विधायक निधि पर रोक लगा दी थी। पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी की सभी विधायकों की विधायक निधि बहाल कर दी है। और विधायक निधि के लिए 3-3 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है। विधायक निधि में क्षेत्र की जनता की चिकित्सा सेवा के लिए अब 25 लाख रुपए की व्यवस्था की है। साथ ही इसी राशि से विधायक किसी भी आपदा के समय सहयोग राशि के रूप में पैसे दे सकते हैं।

महंगाई बढ़ने पर भाजपा सरकार के है अनोखे बहाने : प्रियंका गांधी

एक विधायक को तीन करोड़ सालाना विधायक निधि :- उत्तर प्रदेश के विधायकों को अपने क्षेत्र के विकास के लिए तीन करोड़ रुपए सालाना दिए जाते है। फरवरी 2020 में विधायक निधि दो करोड़ रुपए सालाना थी। इससे पूर्व साल 2019 में सरकार ने विधायक निधि को डेढ़ करोड़ रुपए से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये सालाना किया था। विधायकों को वेतन और भत्ते देने के मामले में उत्तर प्रदेश अभी तेलंगाना और दिल्ली के बाद तीसरे नंबर पर है।

साल भर से विधायक निधि पर थी रोक :- कोरोना के खिलाफ जंग में योगी सरकार ने मंत्रियों, विधायकों के वेतन, भत्तों में 30 फीसदी कटौती के साथ ही विधायक निधि को एक साल के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया था। विधायक निधि की बहाली के बाद विधायक जल्द ही इस निधि से अपने क्षेत्र के विकास कार्यों और जनता की भलाई के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे। सरकार की योजना के अनुसार विधायक निधि के लिए मिले 3 करोड़ रुपए में से 25 लाख रुपए क्षेत्र की जनता को चिकित्सीय मदद के लिए प्रावधान किया गया है। अब कोई भी विधायक अपने क्षेत्र की जनता को इलाज के लिए 25 लाख रुपए में से दे सकेगा। और ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद कर सकेगा। साथ ही किसी आपदा के समय सहयोग राशि के रूप में इसमें से पैसे दे सकते हैं।

विधायक निधि के लिए गाइडलाइन का होगा पालन :- उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र में गुरुवार को विधानसभा में सरकार के 2021-22 के बजट पास होने के बाद संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहाकि, विधानसभा क्षेत्र विकास निधि में विधायकों को 3-3 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। यह राशि विधायक निधि की गाइडलाइन के तहत ही स्वीकृत की जाएगी। सुरेश खन्ना ने कहाकि, विधायक पंचायत चुनाव को लेकर अपने विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हो गये हैं लिहाजा विधानसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया है। बजट सत्र में योगी सरकार ने 5 लाख 50 हजार 270 करोड़ 78 लाख रुपए का बजट पेश किया। यह प्रदेश के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बजट है।

Mahendra Pratap
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned