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जानिए क्या है जानलेवा बीमारी स्क्रब टाईफस? 10 दिन में ले चुका है 100 की जान, कोरोना की तरह नहीं है कोई इलाज

Scrub Typhus - असावधानी बरतने पर कोरोना की तरह स्क्रब टाइफस का कोई इलाज नहीं है। स्क्रब टाइफस कितना खतरनाक है, आइए जानते हैं।

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जानिए क्या है जानलेवा बीमारी स्क्रब टाईफस? 10 दिन में ले चुका है 100 की जान, कोरोना की तरह नहीं है कोई इलाज

जानिए क्या है जानलेवा बीमारी स्क्रब टाईफस? 10 दिन में ले चुका है 100 की जान, कोरोना की तरह नहीं है कोई इलाज

लखनऊ. मथुरा,आगरा और फ़िरोज़ाबाद जिलों में पिछले 10 दिनों में करीब 100 मौतें हो चुकी हैं। जिसमें बच्चों की संख्या अधिक है। ये कहर बरपाने वाली बीमारियों में डेंगू, मलेरिया, जापानी बुखार के साथ स्क्रब टाइफस नामक बीमारी की पुष्टि हुई है। असावधानी बरतने पर कोरोना की तरह स्क्रब टाइफस का कोई इलाज नहीं है। स्क्रब टाइफस कितना खतरनाक है, आइए जानते हैं।

दीमक के डंक से होता है स्क्रब टाइफस :- सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (US CDC) स्क्रब टाइफस ( Scrub Typhus) बीमारी ऑरेंटिया सुसुगामुशी ( Orientia tsutsugamushi ) नामक जीवाणु से होती है। यह बैक्टीरिया ट्रॉम्बिक्युलिडे माइट्स (दीमक) के डंक में मौजूद होता है, जिसे रेड माइट्स, चिगर्स या स्क्रब-इच माइट्स भी कहा जाता है। मतलब यह एक प्रकार की संक्रमित घुन के काटने से होती है। स्क्रब टाइफस एक जीवाणुजनित संक्रमण है जो लोगों की मौत की बड़ी वजह बनता है।

स्क्रब टाइफस से बचाव (Prevention) :- स्क्रब टाइफस बीमारी के लक्षण काफी हद तक चुकनगुनिया से मेल खाते हैं। इससे बचने के लिए कपड़ों और बिस्तर आदि पर परमेथ्रिन और बेंजिल बेंजोलेट का छिड़काव करना चाहिए।

स्क्रब टाइफस के लक्षण (Symptoms of scrub typhus) :- सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, बढ़े हुए लिम्फ नोड्स और कभी-कभी शरीर पर चकत्ते इस बीमारी के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं। कई मामलों में मांसपेशियों में सूजन की घटनाएं भी सामने आई हैं। गंभीर मामलों में, यह निमोनिया, एन्सेफलाइटिस (चमकी/दिमागी बुखार), दिल का दौरा या यहां तक कि कोमा का कारण बन सकता है।

कोई वैक्सीन मौजूद नहीं :- सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल के अनुसार, अभी तक इस बीमारी की कोई वैक्सीन मौजूद नहीं है। इसका एकमात्र उपाय संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाना है। कोरोना की तरह सोशल डिस्टेंसिंग का नियम इस बीमारी पर भी फिट बैठता है।

स्क्रब टाइफस की पता लगना महत्वपूर्ण :- स्क्रब टाइफस संक्रमण का जल्दी पता लगाना महत्वपूर्ण है। मरीजों को एंटीबायोटिक्स पर रखा जाता है और वे एक सप्ताह के उपचार के बाद पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं। बैक्टीरिया का पता लगाने का सबसे प्रभावी तरीका ब्लड सैंपल्स का लैब में टेस्ट करना बताया गया है।

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