
चौक की होली बारात में सियासी रंग, नेताओं संग झूम उठा पूरा लखनऊ (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
Lucknow Holi 2026: रंगों के पर्व होली पर राजधानी लखनऊ का ऐतिहासिक चौक क्षेत्र एक बार फिर परंपरा, संस्कृति और उत्साह के रंगों से सराबोर नजर आया। कोनेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ हुई प्रसिद्ध होली बारात (हुड़दंग) में हजारों लोगों की भागीदारी ने पूरे क्षेत्र को उत्सव स्थल में बदल दिया। इस रंगारंग आयोजन में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तथा राज्यसभा सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष राजनीतिक और सामाजिक महत्व प्रदान किया। आयोजन का संयोजन स्थानीय पार्षद अनुराग मिश्र 'अन्नू' द्वारा किया गया।
पुराने लखनऊ की होली बारात केवल उत्सव नहीं बल्कि दशकों पुरानी सांस्कृतिक परंपरा मानी जाती है। चौक चौराहा क्षेत्र में हर वर्ष निकलने वाली यह बारात अपनी अनोखी शैली, उत्साह और लोक संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। सुबह से ही श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक मंदिर परिसर में जुटने लगे थे। भगवान शिव की पूजा-अर्चना के बाद होली बारात का शुभारंभ हुआ। ढोल-नगाड़ों, बैंडबाजों और रंग-बिरंगी झांकियों के साथ निकली शोभायात्रा ने पूरे इलाके को उत्सवमय बना दिया।
होली बारात में शामिल लोग पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। किसी के हाथ में गुलाल था तो कोई रंगों से सराबोर होकर नाचता दिखाई दिया। DJ की धुनों, लोकगीतों और होली के पारंपरिक फाग गीतों पर युवा, बुजुर्ग और महिलाएं जमकर झूमते रहे। सड़कों पर रंगों की बौछार और “होली है” के नारों से माहौल पूरी तरह उत्साह से भर गया। चौक क्षेत्र की संकरी गलियां भीड़ और रंगों से गुलजार हो उठीं।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा के एक साथ पहुंचने से आयोजन की चर्चा और बढ़ गई। दोनों नेताओं ने मंच से लोगों को होली की शुभकामनाएं दीं और समाज में प्रेम, भाईचारे तथा सामाजिक एकता बनाए रखने का संदेश दिया। नेताओं ने लोगों के बीच जाकर गुलाल लगाया और आम जनता के साथ उत्सव का आनंद लिया। इस दौरान समर्थकों और स्थानीय नागरिकों में उत्साह देखने लायक था।
नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं बल्कि दिलों को जोड़ने का अवसर है। यह पर्व समाज में भेदभाव मिटाकर आपसी प्रेम और सौहार्द को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि लखनऊ की पहचान उसकी तहजीब और सांस्कृतिक विरासत से है, जिसे ऐसे आयोजन जीवित रखते हैं।
होली बारात में विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों द्वारा आकर्षक झांकियां निकाली गईं। भगवान शिव, राधा-कृष्ण, होली के पारंपरिक दृश्य और लोक संस्कृति को दर्शाती झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनीं। कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुतियां दीं, वहीं बच्चों की टोली ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। पुलिस बल और ट्रैफिक पुलिस के जवान पूरे मार्ग पर तैनात रहे। अधिकारियों ने बताया कि आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए विशेष निगरानी रखी गई थी। CCTV कैमरों और पुलिस पेट्रोलिंग के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
चौक, नक्खास और आसपास के बाजारों में दुकानदारों ने भी उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मिठाई की दुकानों और रंग-गुलाल की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी गई। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि होली बारात पुराने लखनऊ की पहचान बन चुकी है और हर साल लोग इसका बेसब्री से इंतजार करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। कई नागरिकों ने विकास कार्यों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रम जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।
इस वर्ष होली बारात में युवाओं के साथ-साथ परिवारों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। महिलाएं और बच्चे भी सुरक्षित माहौल में रंगों का आनंद लेते नजर आए। सोशल मीडिया पर कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होते रहे, जिससे आयोजन की लोकप्रियता और बढ़ गई। कार्यक्रम संयोजक पार्षद अनुराग मिश्र ‘अन्नू’ ने कहा कि होली बारात का उद्देश्य समाज को जोड़ना और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखना है। उन्होंने सभी आगंतुकों और प्रशासन का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
Published on:
05 Mar 2026 09:00 am
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