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Video: पहले से तय था माफिया मुख्तार अंसारी का मरना

मुख्तार पर पोटा के तहत कार्रवाई करने वाले पूर्व डिप्टी एसपी शैलेंद्र सिंह से पत्रिका यूपी की एक्सक्लूसिव बातचीत। माफिया मुख्तार अंसारी की मौत पर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की।
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लखनऊ

•

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Upendra Singh

•

Mar 29, 2024

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पूर्व डिप्टी एसपी शैलेंद्र सिंह में मुख्तार अंसारी की मौत पर कहा कि जैसा कर्म था, वैसा परिणाम आया। शैलेंद्र ‌सिंह ने कहा कि उसे पहले ही पता था कि उसकी मौत होने वाली है। इस वजह से वह देर सवेर कोर्ट में जहर देने का झूठी गुहार लगा रहा था। मुख्तार अंसारी को 3 साल पहले पता था कि यूपी में उसे वह सुविधा नहीं मिलेगी, जो पंजाब में ‌मिल रहा था। उसका यूपी में हस्र बुरा होने वाला है, इसीलिए वह यूपी में आने में नाटक कर रहा था।

शैलेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्तार अंसारी की वजह से हमारा परिवार मुश्किल में पड़ गया था। हमारे देश में किसी की मौत पर जश्न नहीं मनाया जाता है। पिछले 20 साल से हमारा परिवार उस दर्द को झेल रहा था। आज थोड़ सुकून मिला है।

जनवरी, 2004 में शैलेंद्र सिंह एसटीएफ की वाराणसी यूनिट के प्रभारी डिप्टी एसपी थे। शैलेंद्र सिंह ने बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या से पहले मुख्तार अंसारी के एलएमजी खरीदने का राजफाश किया था। उन्होंने एलएमजी बरामद कर मुख्तार अंसारी के विरुद्ध पोटा भी लगाया था।

इस पर सरकार में हंगामा मच गया और शैलेंद्र सिंह पर मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाया जाने लगा। व्यथित हो शैलेंद्र सिंह ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के कुछ माह बाद वाराणसी कैंट थाने में डीएम कार्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लालजी की तरफ से तोड़फोड़, मारपीट, हंगामे की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

मामले में शैलेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और पुलिस ने चार्जशीट तक कोर्ट में दाखिल कर दी। वहीं, योगी सरकार ने 2021 में शैलेंद्र सिंह पर दर्ज इस केस को वापस ले लिया था। शैलेंद्र सिंह 1991 बैच के पीपीएस अफसर हैं। शैलेंद्र सिंह के बाबा राम रूप सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे।

शैलेंद्र सिंह, मूल रूप से चंदौली के फेसुड़ा गांव के हैं। पूर्व डिप्टी एसपी शैलेंद्र सिंह का कहना है कि माफिया पहले खुलेआम घूमते थे। जब बड़े माफिया पर कड़ी कार्रवाई होती है तो छुटभैये वैसे ही शांत हो जाते हैं और समाज को एक बड़ा संदेश मिलता है।