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Maha Kumbh 2025 : भव्य, सुरक्षित और डिजिटल आयोजन के लिए मुख्य सचिव की बैठक में 3149.48 लाख की परियोजनाएं स्वीकृत

Maha Kumbh 2025 को सुगम, स्वच्छ, सुरक्षित और डिजिटल बनाने के लिए 10 परियोजनाओं पर जोर, सभी कार्यों को समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Nov 12, 2024

Maha Kumbh 2025

Maha Kumbh 2025

Maha Kumbh 2025 की तैयारियों को सशक्त रूप देने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में प्रयागराज मेला प्राधिकरण के आईसीसीसी सभागार में शीर्ष समिति की 15वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी महाकुंभ को भव्य, दिव्य, सुरक्षित, सुव्यवस्थित, स्वच्छ और डिजिटल रूप में सफलतापूर्वक आयोजित करना है, जिसमें प्रशासन ने हर पहलू की समीक्षा करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। Uttar Pradesh’s Chief Secretary Approves ₹3,149.48 Million for 10 Projects to Ensure a Safe, Clean, and High-Tech Kumbh Mela; Focus on Time-Bound Completion and Quality Control

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प्रमुख स्वीकृतियां और निर्देश

मुख्य सचिव ने बैठक में 8 प्रमुख कार्यदायी विभागों की 10 परियोजनाओं के लिए 3149.48 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कुम्भ-2025 से जुड़ी समस्त तैयारियों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए विशेष निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के लिए थर्ड पार्टी के माध्यम से नियमित अंतराल पर जाँच कराने की बात कही, ताकि किसी भी कमी के पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

स्वच्छ और डिजिटल कुम्भ की तैयारी

महाकुम्भ-2025 के आयोजन को "स्वच्छ कुम्भ" और "डिजिटल कुम्भ" के रूप में उभारने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत:

प्लास्टिक-मुक्त आयोजन: मेला क्षेत्र में प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। अखाड़े, भण्डारा स्थल और फूड ज़ोन पर इको-फ्रेंडली दोने-पत्तल एवं बर्तनों का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट: प्रत्येक डस्टबिन को स्वच्छताग्रही से टैग कर कूड़े के नियमित निस्तारण की योजना बनाई गई है।
शौचालयों की सफाई व्यवस्था: मेला क्षेत्र और शहर में बने शौचालयों की साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था के साथ-साथ उनकी पेंटिंग भी करवाई जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश

सुरक्षा की दृष्टि से मुख्य सचिव ने साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल सिक्योरिटी के तहत आधुनिक उपकरण और एंटी ड्रोन सिस्टम के उपयोग पर बल दिया। पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि महाकुम्भ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अत्याधुनिक तकनीक के साथ अतिरिक्त पुलिस फोर्स की व्यवस्था की जाएगी। सीसीटीवी, ड्रोन और अन्य उपकरणों के माध्यम से आकाश से, पृथ्वी से और जलमार्गों से सतत निगरानी का इंतजाम रहेगा।

समयबद्धता पर विशेष जोर

मुख्य सचिव ने परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। कुछ महत्वपूर्ण कार्यों की डेडलाइन 15 दिसंबर तक रखी गई है, जबकि अन्य कार्यों को 30 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। समीक्षा के दौरान उन्होंने कुम्भ-2025 के आयोजन में किसी भी प्रकार की देरी या गुणवत्ता में कमी को सहन नहीं करने की बात कही।

अतिरिक्त व्यवस्थाएं और निर्देश

सड़क व घाट निर्माण: महाकुंभ के दृष्टिगत प्रयागराज में फोरलेन सड़कों का निर्माण, घाटों की सफाई और काली मिट्टी का निष्पादन तय समय पर करने का निर्देश दिया गया है।
लो-विजिबिलिटी की स्थिति: एयरपोर्ट पर लो-विजिबिलिटी के दौरान विमानों की लैंडिंग में सुविधा के लिए जरूरी उपकरण लगाए जाएंगे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी: यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डिजिटल समाधान पर जोर दिया गया है।

अन्य निर्देश और योजनाएं

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र में आगजनी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए फूलप्रूफ व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस हेतु आग की घटनाओं को रोकने के लिए गैस सिलेंडर, अलाव और विद्युत उपकरणों की नियमित जांच की जाएगी। पार्किंग स्थलों पर एआई बेस्ड वाहनों की गिनती की सुविधा, सफाई और सुरक्षा की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

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इसके अतिरिक्त, मुख्य सचिव ने प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा ओवर ब्रिज, भवनों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर पेंटिंग कराने की बात कही। सड़कों के बीच बनाये गये सीवर मेनहोल को सड़कों के स्तर पर बनाए रखने और सड़कों की राइडिंग क्वालिटी की जांच कराने के निर्देश भी दिए।

सार्वजनिक सुविधा एवं स्वच्छता पर जोर

महाकुम्भ को प्लास्टिक-मुक्त बनाने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष सफाई दल का गठन किया जाएगा। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत प्रत्येक डस्टबिन पर एक स्वच्छताग्रही को टैग किया जाएगा, जिससे समय पर कूड़ा निस्तारण सुनिश्चित हो सके। पब्लिक शौचालयों और मेला क्षेत्र में शौचालयों की साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

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मुख्य सचिव ने कहा कि महाकुम्भ-2025 में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है, जिसके अनुसार सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध, स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित की जानी चाहिए। मेला क्षेत्र के विस्तार और अतिरिक्त व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ 30 नवम्बर तक और क्रिटिकल परियोजनाओं को 15 दिसंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

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