
why governor facilitate these people in a Function
Lucknow. राजभवन में आयोजित दो दिवसीय ‘महाराष्ट्र दिवस’ समारोह का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया गया। 1 एवं 2 मई, 2018 को आयोजित दो दिवसीय महाराष्ट्र दिवस समारोह का आयोजन उत्तर प्रदेश शासन, महाराष्ट्र शासन, महाराष्ट्र समाज लखनऊ, मराठी समाज लखनऊ एवं भातखण्डे संगीत संस्थान सम विश्वविद्यालय लखनऊ द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है। उद्घाटन समारोह में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डाॅ0 दिलीप बाबासाहेब भोसले, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा तथा महाराष्ट्र के संस्कृति, उच्च शिक्षा, युवा कल्याण, अल्पसंख्यक विकास तथा वक्फ मंत्री श्री विनोद तावड़े, सूचना राज्यमंत्री डाॅ0 नीलकंठ तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में तथा प्रदेश मंत्रिमण्डल के सदस्यगण सहित बड़ी संख्या में मराठी समाज से जुड़े महानुभावगण भी उपस्थित थेे। कार्यक्रम में एक स्मारिका ‘महाराष्ट्र दिवस’ का विमोचन भी किया गया।
राज्यपाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि गत वर्ष के कार्यक्रम और इस वर्ष के आयोजन में मौलिक अंतर है। गत वर्ष उत्तर प्रदेश मराठी समाज द्वारा आयोजन किया गया था इस वर्ष उत्तर प्रदेश सरकार, महाराष्ट्र सरकार, महाराष्ट्र समाज लखनऊ, मराठी समाज उत्तर प्रदेश तथा भातखण्डे संगीत संस्थान सम विश्वविद्यालय लखनऊ द्वारा किया गया है। आयोजन के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडनवीस का निर्णय अभिनन्दनीय है।
श्री नाईक ने दोनों राज्यों के पुराने संबंधों को याद करते हुये कहा कि उत्तर प्रदेश में मराठी भाषिक लोगों का भी योगदान है। राज्यपाल ने रानी लक्ष्मीबाई, अहिल्या बाई होल्कर, तात्यां टोपे, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, बाबूराव पराड़कर, पं0 विष्णु दिगम्बर पलुस्कर, पं0 विष्णु नारायण भातखण्डे के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने काशी के प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनरोद्धार में अहिल्या बाई होल्कर के योगदान का भी स्मरण दिलाया। अंग्रेजों नेे 1857 के समर को बगावत घोषित किया था परन्तु महाराष्ट्र के सपूत वीर सावरकर ने पहली बार अपनी पुस्तक में इसे प्रथम स्वतंत्रता समर बताया।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का बड़ा प्रदेश है। इस वर्ष दीक्षांत समारोह में 15.60 उपाधियाँ प्रदान की गयी हैं जिसमें 51 प्रतिशत छात्रायें हैं। महिला शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का चित्र बदल रहा है। यह बदलता हुआ चित्र पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू किये गये ‘सर्व शिक्षा अभियान’ तथा वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं’ योजना का नतीजा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में रहने वाले मराठी भाषिक लोगों के योगदान को याद करते हुये कहा कि मराठी भाषिक उत्तर प्रदेश में घुल मिल गये हैं। गणेश उत्सव को देखकर लगता है कि वे अपनी संस्कृति से अभी भी उसी तरह जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों का यह रिश्ता आदर्श बनकर आगे चलने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से महाराष्ट्र दिवस की बधाई देते हुये कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में सांस्कृतिक एकता के लिये ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का संकल्प लिया है जिसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश एवं महाराष्ट्र राज्य के बीच सांस्कृतिक आदान प्रदान की दृष्टि से एम0ओ0यू0 हुआ है। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र का भगवान राम के समय से संबंध रहा है। महाराष्ट्र की विभूतियों जैसे लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और वीर सावरकर के योगदान को विस्मृत नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र संतों की परम्परा का वाहक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन होता था जबकि उत्तर प्रदेश में ऐसा कोई आयोजन सरकारी स्तर पर नहीं होता था। 1950 से 2017 तक 68 वर्षों बाद उत्तर प्रदेश में प्रदेश स्थापना का आयोजन राज्यपाल की प्रेरणा से पहली बार किया गया। इस अवसर पर ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना का शुभारम्भ किया गया जिससे प्रदेश को एक नई पहचान मिली है। प्रधानमंत्री ने इंवेस्टर्स समिट में जिस डिफंेस कारीडोर की स्थापना की घोषणा की थी वह बाजीराव पेशवा का क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तथा महाराष्ट्र की सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को और मजबूत करेगी।
मुख्य न्यायाधीश इलाहाबाद उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति डाॅ0 दिलीप बाबासाहेब भोसले ने कहा कि ‘मराठी में बोलना चाहता हूँ। चूंकि उत्तर प्रदेश में आज मौका मिला है उसे छोड़ना नहीं चाहता।’ उत्तर प्रदेश में महाराष्ट्र दिवस का आयोजन विशेष आनन्द देने वाला कार्यक्रम है। इस आयोजन के माध्यम से दो प्रदेशों की सरकार इकट्ठा हुई है जो प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में महाराष्ट्र दिवस के आयोजन में राज्यपाल की भूमिका सराहनीय है।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री श्री विनोद तावड़े ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का विशेष आभार कि उन्होंने यहाँ महाराष्ट्र दिवस का आयोजन किया। महाराष्ट्र की जनता की ओर से उन्होंने आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि उत्तर प्रदेश के बदलते परिवेश को देखकर महाराष्ट्र के उद्योगपति यहाँ निवेश करने को तैयार हैं। दोनों प्रदेशों के पारम्परिक रिश्ते पर प्रकाश डालते हुये उन्होंने कहा कि यह सुखद संयोग है कि संवैधानिक पद के मुखिया राज्यपाल और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, दोनों मराठी हैं।
कार्यक्रम में सूचना राज्यमंत्री डाॅ0 नीलकंठ तिवारी ने स्वागत उद्बोधन देते हुये दोनों प्रदेशों की प्राचीन परम्पराओं और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
Published on:
02 May 2018 12:07 am
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