
यूपी प्रशासन में बड़ा फेरबदल: प्रमुख सचिवों और सचिवों के प्रमोशन की अधिसूचना जारी (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Major Administrative Reshuffle in UP: उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक ढांचे को और अधिक मजबूत व गतिशील बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रमुख सचिवों और सचिव स्तर के अधिकारियों के प्रमोशन की अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले के तहत 4 सचिव स्तर के अधिकारियों को प्रमुख सचिव पद पर पदोन्नति दी गई है, जबकि विशेष सचिव स्तर के 19 अधिकारियों को सचिव रैंक में प्रमोट किया गया है। इस निर्णय को प्रशासनिक अनुभव, वरिष्ठता और कार्यकुशलता को सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है।
चार सचिव बने प्रमुख सचिव
जारी अधिसूचना के अनुसार जिन अधिकारियों को प्रमुख सचिव के पद पर पदोन्नति दी गई है, उनमें-
शामिल हैं। ये सभी अधिकारी लंबे समय से सचिव स्तर पर रहते हुए शासन के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदार पदों पर कार्य कर रहे थे। इनके अनुभव और प्रशासनिक दक्षता को देखते हुए सरकार ने इन्हें प्रमुख सचिव जैसे शीर्ष प्रशासनिक पद पर जिम्मेदारी सौंपी है। प्रमुख सचिव राज्य प्रशासन की रीढ़ माने जाते हैं। नीति निर्माण से लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन तक उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में इन अधिकारियों की पदोन्नति से शासन की कार्यप्रणाली और अधिक सशक्त होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसके साथ ही शासन ने विशेष सचिव स्तर के 19 अधिकारियों को सचिव रैंक में प्रमोट करने का भी आदेश जारी किया है। यह पदोन्नति प्रशासनिक सेवा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है। सचिव स्तर के अधिकारी सीधे तौर पर विभागीय नीतियों, योजनाओं और निर्णय प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं।
प्रमोट होने वाले अधिकारियों की सूची इस प्रकार है-
इन अधिकारियों ने विभिन्न विभागों में रहते हुए प्रशासनिक सुधार, योजनाओं के सफल संचालन और जनता से जुड़े मुद्दों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस प्रमोशन सूची में महिला अधिकारियों की उल्लेखनीय भागीदारी भी देखने को मिली है। नेहा शर्मा, मोनिका रानी, संदीप कौर, दुर्गा शक्ति नागपाल और सुधा वर्मा जैसी वरिष्ठ महिला अधिकारियों को सचिव पद पर पदोन्नति दी गई है। यह कदम प्रशासन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। विशेष रूप से दुर्गा शक्ति नागपाल जैसी चर्चित और तेजतर्रार अधिकारी की पदोन्नति को प्रशासनिक हलकों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इन पदोन्नतियों का इंतजार काफी समय से किया जा रहा था। विभागीय पदोन्नति समिति की संस्तुति के बाद अब जाकर शासन ने अधिसूचना जारी की है। इससे न केवल प्रमोट हुए अधिकारियों में उत्साह है, बल्कि पूरी प्रशासनिक सेवा में सकारात्मक संदेश गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बड़े स्तर पर हुए प्रमोशन से उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी। वरिष्ठ अधिकारियों के पदोन्नत होने से निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और विभागीय समन्वय बेहतर होगा। प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी शासन और फील्ड प्रशासन के बीच सेतु का काम करते हैं। ऐसे में अनुभवी अधिकारियों का ऊंचे पदों पर पहुंचना विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक साबित होगा।
Updated on:
13 Dec 2025 08:12 am
Published on:
13 Dec 2025 08:12 am
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