कांग्रेसी किले में सेंध लगाएंगे अमित शाह!

कांग्रेसी किले में सेंध लगाएंगे अमित शाह!

Prashant Srivastava | Publish: Oct, 08 2017 06:08:05 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

कांग्रेस के गढ़ में राहुल के करीबियों को तोड़ने की कोशिश, कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले अमेठी में अमित शाह बड़ी सेंध लगा सकते हैं।

लखनऊ. कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले अमेठी में अमित शाह बड़ी सेंध लगा सकते हैं। सूत्रों की मानें तो आगामी दस अक्टूबर को अमेठी में अमित शाह की मौजूदगी में राहुल के करीबी माने जानें वाले कई कांग्रेसी नेता बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस के पूर्व विधायक जंग बहादुर सिंह समेत कई कांग्रेसी नेताओं की बीजेपी में शामिल होने की पुख्ता जानकारी है। बता दें कि आगामी 10 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी व सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ कांग्रेस के गढ़ अमेठी में कई नई योजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इस दौरान वह कांग्रेस औऱ राहुल गांधी पर भी निशाना साधेंगे।

राहुल के जाते ही इस्तीफा

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी जिस दिन अमेठी से रायबरेली गए उसी दिन रात करीब 8 बजे के आसपास जंगबहादुर ने कांग्रेस प्रदेश महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह ये बताई कि वो पार्टी की नीतियों से खुश नहीं हैं। आपको बता दें कि जंग बहादुर सिंह की गिनती गांधी परिवार के करीबियों में होती रही है।उन्होंने वर्ष 2002 में बीएसपी के सिम्बल पर असेम्बली इलेक्शन लड़ा था, और उस समय उन्होंने कांग्रेस के पूर्व एमएलए स्व. नूर मोहम्मद के पुत्र फतेह बहादुर को 7500 वोटों से शिकस्त दिया था।

एमएलसी बनने का था ऑफर

लोगों के बीच अच्छी पैठ बनने के बाद जंगबहादुर अमेठी की सक्रिय राजनीति में रहने लगे। इस कारण क्षत्रियों का एक बड़ा तबका भी इनसे जुड़ा। जिससे वो जामो के राजा और सपा एमएल राजा गोपाल जी के निशाने पर आ गए। इसके बाद से लोगों का रुझान जंगबहादुर की तरफ और बढ़ गया। जिसे देख प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने उन्हें एमएलसी बनाने का न्योता दे डाला। अभी हाल में ही स्थितियां बदली है, जिससे वो नाराज चल रहे थे। इसी कारण उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिय़ा।

कई परियोजनाओं का होगा शिलान्यास

सूत्रों के मुताबिक 10 अक्तूबर को गौरीगंज के कौहार स्थित बंद पड़ी सम्राट साइकिल फैक्ट्री परिसर में जनसभा होनी है।सूत्रों की मानें तो बीजेपी ने अभी से उत्तर प्रदेश में उन सीटों की पहचान कर ली, जिन पर फोकस करना है। यह वो सीटे हैं, जिन्हें साल 2014 में बीजेपी या सहयोगी अपना दल नहीं जीत पाए थे। इन सात क्षेत्रों में इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स खोलने के अलावा बीजेपी सार्वजनिक सभाएं और संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित कराने की तैयार कर रही है। पार्टी के सूत्रों ने कहा कि अमेठी के लिए कार्यक्रमों की एक सीरीज तैयार की गई है।

 

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