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67 एनकाउंटर करने वाले पूर्व IPS सांसद चंद्रशेखर आजाद की पार्टी में हुए शामिल; जानिए कौन हैं प्रेम प्रकाश?

IPS Prem Prakash: जानिेए कौन हैं यूपी के 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' और रिटायर्ड IPS प्रेम प्रकाश जिन्होंने बीजेपी छोड़ आजाद समाज पार्टी का दामन थाम लिया है।
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लखनऊ

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Pratiksha Gupta

Jul 01, 2026

Prem Prakash IPS, IPS Prem Prakash story

रिटायर्ड IPS प्रेम प्रकाश जिनके नाम 67 एनकाउंटर हैं | फोटो सोर्स- X(@cameraman_r)

UP Election 2027:यूपीमें अगले साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति गरमा गई है। यूपी कैडर के तेज-तर्रार और 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' माने जाने वाले रिटायर्ड IPS अधिकारी प्रेम प्रकाश ने राजनीति में एक बड़ा फैसला लिया है। साल 2024 के लोकसभा चुनाव के समय बीजेपी में शामिल होने वाले प्रेम प्रकाश ने अब भारतीय जनता पार्टी का साथ छोड़ दिया है। वे सांसद चंद्रशेखर आजाद की पार्टी 'आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)' में शामिल हो गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने अगला विधानसभा चुनाव लड़ने का भी ऐलान कर दिया है, जिससे यूपी की राजनीति में हलचल मच गई है।

कौन हैं पूर्व IPS प्रेम प्रकाश?

प्रेम प्रकाश यूपी पुलिस के उन चुनिंदा अफसरों में शामिल रहे हैं, जिनके नाम से अपराधी कांपते थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1993 बैच के इस जांबाज IPS अधिकारी के नाम कई बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं। जब वे कानपुर जोन में तैनात थे, तब उनके नेतृत्व में पुलिस ने करीब 67 एनकाउंटर किए थे, जिससे अपराधियों में खौफ पैदा हो गया था। इतना ही नहीं पंजाब की रोपड़ जेल में बंद रहे बाहुबली मुख्तार अंसारी को यूपी की बांदा जेल तक लाने की पूरी जिम्मेदारी भी प्रेम प्रकाश ने ही संभाली थी और इसमें उनकी भूमिका सबसे अहम थी।

इंजीनियरिंग से पुलिस और अब नेता बनने का सफर

दिल्ली के रहने वाले प्रेम प्रकाश पढ़ाई-लिखाई में भी बहुत आगे थे। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग से B.Tech करने के बाद पुलिस मैनेजमेंट में मास्टर्स डिप्लोमा किया था। इसके बाद वे पुलिस अफसर बने। उन्होंने लखनऊ, आगरा, मेरठ, कानपुर, मुरादाबाद और प्रयागराज जैसे यूपी के बड़े और संवेदनशील जिलों में कप्तान और ADG जैसे बड़े पदों पर काम किया। साल 2022 में वे प्रयागराज के ADG पद से रिटायर हुए थे।

पहले मायावती, फिर बीजेपी और अब आजाद समाज पार्टी

प्रेम प्रकाश के राजनीतिक जुड़ाव को लेकर हमेशा चर्चा होती रही है। पुलिस सर्विस के दौरान उन्हें बसपा (BSP) सुप्रीमो मायावती का काफी करीबी माना जाता था। कहा जाता है कि इसी वजह से समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिली और साइडलाइन रखा गया। लेकिन 2017 में जब यूपी में बीजेपी की सरकार आई, तो उन्हें फिर से बड़े जिलों की कमान सौंपी गई। रिटायर होने के बाद साल 2024 में उन्होंने बीजेपी जॉइन की थी, लेकिन अब वो बीजेपी छोड़कर आजाद समाज पार्टी में जा रहे हैं।

2027 के चुनाव पर क्या होगा असर?

रिटायर्ड IPS प्रेम प्रकाश का आजाद समाज पार्टी में जाना यूपी की राजनीति, खासकर दलित और पिछड़ी राजनीति के समीकरण बदल सकता है। पार्टी में शामिल होते ही उन्होंने साफ कर दिया है कि वे पूरे प्रदेश में घूमकर संगठन को मजबूत करेंगे और जमीन पर उतरकर काम करेंगे।