
कोरोना पेशेंट्स के स्वस्थ होने की दर लगातार बढ़ती जा रही है
लखनऊ. जान है तो जहान है। जिंदगी रही तो घर, रोजगार और धन-दौलत सब फिर से मिल जाएगा। इसलिए कोरोना से घबराइए नहीं। लड़िए। हौसला रखिये। अपनों के बारे में सोचिए। जीत हमारी होगी। यह महामारी हमेशा नहीं रहने वाली है। आप ही नहीं पूरा विश्व इससे लड़ रहा है। मरीजों को कुछ इसी तरह के मूलमंत्र देकर डॉक्टरों की टीम उन्हें स्वस्थ कर पा रही है। कोरोना पेशेंट्स के स्वस्थ होने की दर लगातार बढ़ती जा रही है। बीते 14 दिनों के भीतर देश में मरीजों के स्वस्थ होने की दर 09 से बढ़कर 22.17 फीसदी पहुंच चुकी है। उत्तर प्रदेश में अब तक 335 कोरोना मरीजों स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। सोमवार को लखनऊ में एक साथ 18 मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पूरी ताकत से कोरोना को हराने में जुटी है। पुलिस-प्रशासन के साथ-साथ 'धरती के भगवान' के कहे जाने वाले डॉक्टर्स अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की सेवा में लगे हैं। इस बीच कई कोरोना कर्मवीर संक्रमण की चपेट भी आ गये, लेकिन हौसले उड़ान भरते रहे। लखनऊ के सीनियर मेडिकल ऑफिसर एक पांडेय कहते हैं कि संक्रमण रोकने की जिम्मेदारी सभी पर है। हर दिन नई सोच के साथ कोरोना से जंग की शुरुआत होती है। कानपुर के हैलट अस्पताल में कोरोना मरीजों की देखभाल में लगीं स्टाफ नर्स आराधना यादव होम क्वारंटाइन हो गई हैं। उनका बेटा छोटा है, जिसे उनके पति संभालते हैं। खुद दूसरी मंजिल पर रहती हैं पति और बेटा नीचे। कहती हैं कि बेटे को देखने की बहुत इच्छा होती है, लेकिन कोरोना के खिलाफ युद्ध में अपने योग दान पर फख्र है। ऐसे ही कई और स्वास्थ्यकर्मी हैं जो घर-परिवार और अपनी चिंता छोड़कर कोरोना संक्रमित मरीजों की देखभाल कर रहे हैं।
Published on:
28 Apr 2020 12:31 pm
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