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पदोन्नति में आरक्षण : SC के फैसले का मायावती ने किया स्वागत, कहा- अब केंद्र सरकार की बारी

मायावती ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी दलितों और ओबीसी हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन अभी तक पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर कोई काम नहीं किया
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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

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Updated: 26 Sep 2018, 12:57 PM IST

mayawati

पदोन्नति में आरक्षण : SC के फैसले का मायावती ने किया स्वागत, कहा- अब केंद्र सरकार की बारी

लखनऊ. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पदोन्नति में आरक्षण का मामला एक फिर गरमा गया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को स्वागत किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से राज्यों में प्रमोशन में आरक्षण सख्ती से लागू करने की मांग की। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि कोर्ट के फैसले का संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार राज्यों को चिट्ठी लिखे और सख्ती से इसे लागू करने को कहे।

मायावती ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी दलितों और ओबीसी हितैषी होने का दावा करती है। साढ़े चार से उनकी केंद्र में सरकार है, लेकिन अभी तक पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर कोई काम नहीं किया। अब बीजेपी के पास मौका है कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पॉजिटिव लेकर सभी राज्यों में ईमानदारी से प्रमोशन में आरक्षण लागू करे।

राज्य सरकारें चाहेंगी तो ही मिलेगा प्रमोशन में आरक्षण का लाभ
पदोन्नति में आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर को बसपा सुप्रीमो ने कुछ हद तक स्वागत योग्य बताया है। उन्होंने कहा कि अच्छा होता अगर सर्वोच्च न्यायालय पदोन्नति में आरक्षण के फैसले को सख्ती से इसे लागू करवाता। कोर्ट ने मामला राज्यों पर छोड़ दिया है। अब राज्य सरकारें चाहेंगी तो ही वर्गों को प्रमोशन में आरक्षण का लाभ मिले सकेगा।

संवैधानिक संविधान संशोधन जरूरी
मायावती ने कहा कि बसपा की मांग है कि पदोन्नति में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला तत्काल लागू किया जाये। यह राज्य सभा में पास हो गया है, जबकि लोकसभा में लंबित है। ऐसे में केंद्र सरकार संवैधानिक संविधान संशोधन करे।

क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर बड़ा फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने सीधे तौर पर प्रमोशन में आरक्षण को खारिज नहीं करते हुए मामले को राज्य सरकारों पर छोड़ दिया है। कोर्ट ने कहा कि अगर राज्य सरकारें चाहें तो वे प्रमोशन में आरक्षण दे सकती हैं। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार की यह अर्जी खारिज कर दी कि एससी-एसटी को आरक्षण दिए जाने में उनकी कुल आबादी पर विचार किया जाए।