20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

क्रिकेट मैच से किया जाएगा मीजल्स रूबेला अभियान का प्रचार

आगामी 6 नवंबर को भारत और वेस्टइंडीज के बीच जो T20 मैच होने जा रहा है, उसमें इस रूबेला अभियान का प्रचार किया जाए

2 min read
Google source verification
RUBELA

क्रिकेट मैच से किया जाएगा मीजल्स रूबेला अभियान का प्रचार

लखनऊ. अब क्रिकेट मैच से मीजल्स रूबेला टीकाकरण अभियान का प्रचार किया जाएगा। इसके लिए बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें बताया गया कि खसरा एक अत्यधिक संक्रामक रोग है, जो अधिकतर बच्चों को प्रभावित करता है और अनेक अवसरों पर बीमार बच्चे की जीवन रक्षा संभव नहीं हो पाती है। रूबेला नामक एक नया रोग जिस के लक्षण खसरे के समान होते हैं ,वह भी व्यापक रूप से बच्चों एवं वयस्कों में होता है। रूबेला का संक्रमण यदि गर्भावस्था में प्रथम तिमाही में हो तो यह गर्भस्थ शिशु के विकास में बाधक होता है तथा गर्भपात, मानसिक विकास को अवरुद्ध करने का कारण हो सकता है। भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप जनपद में दिनांक 26 नवंबर से रूवेला अभियान एमआर कैंपेन का शुभारंभ होगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि आगामी 6 नवंबर को भारत और वेस्टइंडीज के बीच जो T20 मैच होने जा रहा है, उसमें भी इस रूबेला अभियान का प्रचार किया जाए।

ज्यादातर बच्चों को प्रभावित करता है खसरा

आयोजित की गई बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मनीष बंसल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सभी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, नदवा कालेज, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया, क्रिश्चियन कालेज, लायंस क्लब के प्रतिनिधि और इंडियन एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिक्स के सचिव डॉ. अनुराग कटियार, डब्ल्यूएचओ से डॉ. पुनीत, डॉ. सुरभि त्रिपाठी, यूनिसेफ से डॉक्टर संदीप शाही, डॉ. सौरभ अग्रवाल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक, नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की अधिकक्षाएं एवं नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए जिला अधिकारी ने कहा कि कभी ना कभी हम सभी ने अपने आसपास खसरे से पीड़ित बच्चों को देखा है। खसरा एक अत्यधिक संक्रामक रोग है, जो अधिकतर बच्चों को प्रभावित करता है।

मैच में रूबेला अभियान का प्रचार

रूबेला नामक एक नया रोग जिस के लक्षण खसरे के समान होते हैं, वह भी व्यापक रूप से बच्चों एवं वयस्कों में होता है। रूबेला का संक्रमण अगर गर्भावस्था में प्रथम तिमाही में हो, तो यह गर्भस्थ शिशु के विकास में बाधक होता है और गर्भपात व मानसिक विकास को अवरुद्ध करने का कारण हो सकता है। खसरा एवं रूबेला से एमआर वैक्सीन के द्वारा संपूर्ण सुरक्षा प्रदान की जा सकती है। यह टीका नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत निशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप 26 नवंबर से रूबेला अभियान एमआर कैंपेन का शुभारंभ होगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि इस अभियान के लिए जागरूकता फैलाना बहुत जरूरी है। इस कार्य में सभी का सहयोग लिया जाए। उन्होंने बताया कि जो 870 स्कूल इस अभियान के प्रति अनिच्छा प्रकट कर रहे हैं, उनकी लिस्ट दे दी जाए जिससे उनको समझाया जा सके। साथ ही यह सुझाव दिया कि आगामी 6 नवंबर को भारत और वेस्टइंडीज के बीच जो T20 मैच होने जा रहा है, उसमें भी इस रूबेला अभियान का प्रचार किया जाए। वहीं, यूनिसेफ के डॉक्टर संदीप शाही ने कहा कि जिस प्रकार पहले सिटी टास्क फोर्स की बैठक होती थी, उसी प्रकार से अभियान के लिए भी सिटी ट्रांसपोर्ट की बैठक बुलाई जाए। इससे शहरी क्षेत्र में अभियान सुचारु रुप से चलाने में मदद मिलेगी।