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महिला आरक्षण बिल पर भड़के अखिलेश यादव, BJP पर लगाया बड़ा साजिश का आरोप

अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करते हुए भाजपा पर इसे राजनीतिक चाल बताया।
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लखनऊ

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Anuj Singh

•

Updated: 16 Apr 2026, 8:27 AM IST

akhilesh yadav on bjp said to save democracy necessary to remove this government from power

फोटो सोर्स-IANS

UP Politics: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण विधेयक को भारतीय जनता पार्टी की राजनीतिक चालबाजी बताया है। उन्होंने कहा कि हम महिला आरक्षण के पूरी तरह समर्थन में हैं, लेकिन भाजपा की इस चालबाजी के खिलाफ हैं। अखिलेश यादव ने एक्स (पर लिखा कि भाजपा और उसके साथी देश की सबसे बड़ी आबादी वाले वर्ग यानी पिछड़े वर्ग की महिलाओं के बारे में चुप्पी साधे बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल जल्दबाजी में लाया जा रहा है।

जनगणना और जातिगत आरक्षण का मुद्दा

अखिलेश यादव का कहना है कि भाजपा इस विधेयक के जरिए जनगणना कराने से बचना चाहती है। अगर सही जनगणना हुई तो जातिवार आंकड़े सामने आएंगे और जातिवार आरक्षण की भी मांग उठेगी। उन्होंने इसे भाजपा का बड़ा षड्यंत्र बताया। अखिलेश ने कहा कि जनगणना के आधार पर परिसीमन (सीटों की नई सीमा तय करना) नहीं होने दिया जा रहा है, जिससे पिछड़ों का अधिकार लूटा जा रहा है। उनका सुझाव है कि पार्टियों को आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर आरक्षण लागू करने की छूट मिलनी चाहिए। बिना जनगणना के यह बिल पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक महिलाओं के हक को नुकसान पहुंचाएगा।

पीडीए और चुनावी साजिश का आरोप

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की यह जल्दबाजी दिखा रही है कि अब वह चुनाव हारने वाली है। सच यह है कि भाजपा जनगणना टालना चाहती है क्योंकि जनगणना होने पर जातिगत गिनती की बात उठेगी और आरक्षण बढ़ाने की मांग होगी, जो भाजपा और उसके साथी कभी नहीं चाहते। उन्होंने याद दिलाया कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) में ‘ए’ का मतलब आधी आबादी यानी महिलाएं भी हैं। महिला आरक्षण के नाम पर यह बिल पीडीए के हक-अधिकार छीनने की बड़ी साजिश है।

भाजपा की पुरानी चाल और महिलाओं की समस्या

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की यही पुरानी राजनीतिक चाल है। जब पुराने समर्थक समझ जाते हैं कि भाजपा किसी की सगी नहीं है, तो वह नये लोगों को लुभावने वादों में फंसाती है। इस बार महिलाओं को लुभाने की चाल चली जा रही है, लेकिन यह सफल नहीं होगी। भाजपा राज में सबसे ज्यादा दुखी महिलाएं ही हैं। महंगाई ने उनकी रसोई सूनी कर दी है। सिलेंडर की बढ़ती कीमतों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। महिलाएं अपने बच्चों को पढ़ाना चाहती हैं, लेकिन भाजपा की शिक्षा विरोधी नीतियों से सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं। उन्होंने मेरठ के दुकानदारों के परिवारों और नोएडा की मजदूर व मेडिकल कर्मियों की महिलाओं का जिक्र किया, जहां महिलाओं की आंखों में आंसू और गले में रुँधापन साफ दिख रहा है।

अखिलेश की अपील

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर यह बिल इतना ही सही और महिलाओं के हित में है, तो इसे मेरठ-नोएडा की आम परिवारों और कामगार महिलाओं के बीच बैठकर घोषित किया जाए। उनका मानना है कि भाजपा की चुनावी घबराहट अब साफ दिख रही है। पीडीए प्रहरी का विचार हर प्रदेश और हर दल ने स्वीकार कर लिया है। भाजपा पर चौकन्नी नजर रखी जा रही है, इसलिए अब उसे चुनावी हेराफेरी का आसान मौका नहीं मिलेगा। सच्चे वोट ही चुनाव का नतीजा तय करेंगे। भाजपा की कलई पूरी तरह खुल गई है।