
Mission Shakti: 'मिशन शक्ति' बनेगा यूपी का ब्रांड, हर जिले में एक हजार महिलाएं बनेंगी उद्यमी
लखनऊ.मिशन शक्ति(Mission Shakti): महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मुहिम बना चुकी योगी सरकार ने अब महिलाओं के लिए उद्यमिता(entrepreneurship) के विकास लिए बड़ा प्रयास शुरू किया है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 75 जिलों की 75 हजार महिलाओं को उद्यम(enterprise) से जोडऩे के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया, साथ ही महिला उद्यमियों के लिए हेल्पलाइन और वेबसाइट, मोबाइल एप की शुरूआत भी की। इस मौके पर एक जनपद-एक-उत्पाद योजनांतर्गत चिन्हित उत्पादों पर आधारित 'डाक टिकट' और 'विशेष कवर' का विमोचन भी किया गया।
मिशन शक्ति क्या है(What is Mission Shakti)
यूपी सरकार के मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों को जागरूक करना है। इसके अलावा महिलाओं के प्रति हिंसा करने वाले लोगों की पहचान उजागर करना और महिलाओं को राज्य में सुरक्षित महसूस कराना है। मिशन के अंतर्गत महिलाओं और बच्चों से संबंधित मुद्दों पर जागरूक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मिशन शक्ति के अंतर्गत हर थाने में महिला डेस्क(Women desk in every police station under Mission Shakti)
निर्भया एक पहल अभियान का उदघाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह यूपी की ओडीओपी योजना आज देश-दुनिया में सराही जा रही है, उसी तरह बहुत जल्द मिशन शक्ति भी औरों के लिए एक मॉडल बनकर उभरेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत वर्ष शारदीय नवरात्र से प्रारंभ मिशन शक्ति के शानदार बदलाव देखने को मिले हैं। आज हर थाने पर महिला हेल्प डेस्क है तो गांवों में महिला शक्ति बूथ काम कर रहे हैं। यही नहीं, देश का सबसे बड़ा सिविल पुलिस बल होने के बाद भी 2017 के पहले तक यूपी पुलिस में महिलाओं की संख्या नगण्य थी। हमने इसे महसूस किया, 20 फीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षित किये। नतीजा आज 30 हजार महिला आरक्षी तैनात हैं।
मिशन शक्ति के अंतर्गत 20 हजार महिलाएं बीट पुलिस अफसर(20 thousand women Beat Police Officers under Mission Shakti)
मिशन शक्ति के तीसरे चरण में 20,000 से अधिक महिला आरक्षियों को बीट पुलिस के रूप में फील्ड की जिम्मेदारी दी। आज यह पुलिसकर्मी गांव-गांव महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान तो सुनिश्चित कर रही हैं, शासन की योजनाओं से जोड़कर उन्हें स्वावलम्बन की राह दिखा रही हैं। आज यूपी की महिलाएं सबल, सफल और स्वावलंबी हो रही हैं।
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मिशन शक्ति के अंतर्गत 75 हजार महिलाओं को जोडऩे का कार्यक्रम(Program to connect 75 thousand women under Mission Shakti)
मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई विभाग ने 75 जिलों की 75 हजार महिलाओं को उद्यम से जोडऩे के लिए प्रशिक्षण शिविर शुरू किया है। यह शिविर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ा सहायक सिद्ध होगा। झांसी की 'बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी' का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाएं एक बार जो ठान लेती हैं उसे कर ही लेती हैं। इन दुग्ध कम्पनी ने गांव-गांव महिला समितियां बनाई हैं। दूध संग्रह केंद्र खोलकर पशुपालन से जुड़ी महिलाओं को एक नई राह दी है। प्रशिक्षणार्थियों को टूल-किट प्रदान करते हुए योगी ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद इन महिलाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए बैंकों से आसान किस्तों पर ऋण भी दिलाया जाएगा, ताकि उनकी वित्तीय जरूरतें पूरी हो सकें। यही नहीं उद्यमिता के संबंध में महिलाओं को हर जानकारी सुगमता से मिल सके, इसके लिए आज वेबसाइट और मोबाइल एप के साथ-साथ हेल्पलाइन नंबर की शुरूआत की जा रही है।
मिशन शक्ति के अंतर्गत 75 जिलों पर आधारित डाक टिकट जारी(Postal stamps based on 75 districts issued under Mission Shakti)
देश-दुनिया में सराही जा रही यूपी सरकार की एक जनपद एक उत्पाद योजना में शामिल सभी 75 जिलों के उत्पादों पर आधारित विशेष कवर एवं डाक टिकट का भी अनावरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी पत्राचार में इन लिफाफों का प्रयोग करना अपने उत्पादों की ब्रांडिंग का शानदार माध्यम होगा। विशेष कवर व डाक टिकट के लिए एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और राज्य मंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने भारतीय डाक के प्रति आभार भी जताया। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने ओडीओपी की अभिनव नवोन्मेषी(innovative) सोच के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया तो महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के लिए मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों को मॉडल करार दिया।
Published on:
29 Sept 2021 06:04 pm
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