
मिशन शक्ति : बहू-बेटियों को सशक्त बनाएंगे पंचायत भवन
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में बनने वाले पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय भी अब मिशन शक्ति की मंशा के अनुसार नारी सशक्तिरण का जरिया बनेंगे। योगी सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि हर पंचायत भवन में एक बैंक सखी और हर सामुदायिक शौचालय में सफाई के लिए एक महिला सफाईकर्मी केयर टेकर होगी। इसे हर माह 6,000 रुपए का मानदेय भी मिलेगा।
प्रदेश में कुल 58,079 ग्राम पंचायतें हैं। सरकार का लक्ष्य कुल 56,960 सामुदायिक शौचालयों के निर्माण का है।18,847 बन चुके हैं। 35,058 दो माह में पूरे हो जाएंगे। इस तरह इनकी संख्या के अनुसार स्थानीय स्तर पर बहू-बेटियों को रोजगार मिलने से वो आत्मनिर्भर बन सकेंगी। यही नहीं इनसे स्थानीय स्तर पर रोजगार के और अवसर भी उपलब्ध होंगे। यूपी सरकार पंचायत भवनों को मिनी ग्राम सचिवालयों के रूप में विकसित करना चाहती है।
महिलाओं की संवरेगी जिंदगी
सरकार ने पहले ही प्रति शौचालय प्रति माह 500 रुपए का व्यय इस मद में रखा है। यही नहीं शौचालयों की सफाई के लिए रोजमर्रा की जरूरत के सामान, जैसे झाड़ू, ब्रश, वाइपर, स्पंज, बाल्टी, मग, पोछा, साबुन, हार्पिक, ब्रश, वाशिंग पाउडर, एअर फ्रेशनर, ग्लब्स और मास्क के कारोबार में भी वृद्धि होगी। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कोरोना के अभूतपूर्व संकट में इससे भी उत्पादन से लेकर विपणन तक के हर स्तर पर महिलाओं को रोजगार मिलेगा। सरकार ने साफ-सफाई के मद में प्रति छह माह प्रति शौचालय 1200 रुपये और साबुन, हार्पिक आदि सामानों के लिए हर माह हर शौचालय 1000 रुपये के बजट का प्रावधान किया है। सामुदायिक शौचालय और पंचायत भवन बनने से 58,079 गरीब महिलाओं को डायरेक्ट रोजगार मिलेगा। 6000 रुपए ग्रामीण महिला को मिलना उसकी जिंदगी सवांरने में बहुत बड़ी सहायता होगी।
Published on:
23 Oct 2020 02:53 pm
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