
Marriage
लखनऊ. भोपाल के रहने वाले मोहनलाल कुशवाहा को बीते वर्ष बेटी की शादी को लेकर एक बड़ा कड़वा अनुभव हुआ। कोरोनवायरस वायरस (Cornavirus in UP) की महामारी के कारण हुए लॉकडाउन (Lockdown) के चलते उनकी बेटी की शादी पहले टल गई। फिर शादी को रद्द करना पड़ा क्योंकि दूल्हे का परिवार और ज्यादा इंतजार नहीं करना चाहता था। लेकिन एक साल बाद जब कुशवाहा की बेटी की दोबारा शादी तय हुई, तो पिता ने मौका नहीं छोड़ा और उत्तर प्रदेश का रुख कर शादी समारोह करने का फैसला किया, जहां एमपी की तरह शादी समारोह पर प्रतिबंध नहीं, केवल प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है। ऐसे कई जोड़ो के लिए कोरोनाकाल में यूपी वेडिंग डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। अन्य राज्यों जहां शादी समारोह में प्रतिबंध है, वहां से लोग यहां का रुख कर रहे हैं।
महोबा में हुई शादी-
एमपी के छतरपुर में कुशवाहा ने अपनी बेटी की शादी की व्यवस्था की थी, लेकिन मप्र सरकार ने राज्य में सभी शादियों, धार्मिक और अन्य जुलूसों पर प्रतिबंध लगाने के साथ कोरोना कर्फ्यू की घोषणा कर दी थी। यह देख बिना और इंतजार किए कुशवाहा ने यहां यूपी आकर अपनी बेटी की कोविड प्रोटोकॉल के तहत शादी करवा दी। 15 मई को महोबा जिले के एक मैरिज गार्डन में शादी हुई। छतरपुर जिले के बलरामपुर निवासी कुशवाहा ने बताया, "हमने यूपी सरकार द्वारा निर्धारित कोरोना दिशानिर्देशों का पालन किया और शादी समारोह का आयोजन किया।" छतरपुर के एक अन्य निवासी रामकृपाल अनुरागी ने कहा कि उन्होंने भी अपनी बेटी की शादी महोबा में भी कराई थी क्योंकि यूपी में शादियों पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
एमपी का घाटा बना यूपी में फायदे का सौदा-
छतरपुर जिले के हरपालपुर कस्बे के पूर्व नगरसेवक अशोक घोरा ने कहा कि उन्होंने पूरी तैयारी कर ली थी और मैरिज हॉल भी बुक कर लिया गया था, तभी मप्र सरकार ने राज्य में लॉकडाउन लगा दिया। लेकिन तभी वह शादी के आयोजन के लिए यूपी के मौरानीपुर आ गए। एमपी का घाटा यूपी में फायदे का सौदा साबित हुआ है क्योंकि वहां मैरिज गार्डन के मालिक अच्छा कारोबार कर रहे हैं। अम्बे मैरिज गार्डन के सुधीर कुमार ने कहा, इन दिनों ज्यादातर बुकिंग एमपी से होती है। हम सभी मानदंडों और सुरक्षा उपायों का पालन कर रहे हैं।
Published on:
18 May 2021 05:46 pm
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