10 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

नेपाल ने छोड़ा पानी, घाघरा में आई बाढ़, 15 घर नदी में समाए, दर्जनों गांवों में सरयू का प्रकोप

उत्तर प्रदेश के दर्जनों जिले इस समय बाढ़ से प्रभावित हैं, हालात बिगड़ते जा रहे हैं। जहां गंगा यमुना में पानी घटने के बाद भी 22 से ज्यादा प्रभावित जिलों में समस्याएँ कम नहीं हो रही हैं, वहीं नेपाल से छोड़े गए पानी की वजह से अब गोंडा और अयोध्या के आसपास खौफ का माहौल बन रहा है। गोंडा जिले में बीते एक सप्ताह में जलस्तर बढ़ने का क्रम जारी है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को घाघरा नदी खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। लेकिन क्षेत्रीय गांवों में नदी की धारा से कटान तेज हुई है। जिससे अब तक सैकड़ों परिवार बेघर हो चुके हैं।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Dinesh Mishra

Sep 06, 2022

Gonda Flood

Gonda Flood

घाघरा नदी के आसपास पड़ने वाले गांवों में कटान जारी है। मंगलवार को सुबह दो गाँव पूरी तरह से नदी के जद में आ गए। कटान के कारण अब तक 15 घर नदी में समा गए हैं। इन दो गाँव का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। पीड़ित अपने पक्के मकानों को स्वयं तोड़ कर कर सरिया ईट निकालकर सुरक्षित स्थानों पर रख रहे हैं। क्योंकि कटान होगी तो उसमें ईंट सरिया भी बह जाती है, ऐसे में अपने आशियाने को तोड़ना किसी दर्द से कम नहीं होता।

घाघरा नदी में आए उफान के बाद जलस्तर घटने से कटान तेज हो गई है। जिले के दो तहसील कर्नलगंज व तरबगंज के गाँव प्रभावित होते है। घाघरा नदी का चारों तरफ कटान जारी है। कटान के चलते तबाही मच गई। नदी से सटे 13 गांवों के कई घर पानी में समा गए। स्थिति इतनी गंभीर है कि यहां के बाबू पुरवा मजरे का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर है।

ऐली परसोली के प्रधान मनीराम यादव ने बताया कि बाबूपुरवा में अब तक मनोज, शिवकुमार, रामजीत, रामलाल, विजयपाल, ओमप्रकाश, लालबाबू, संतोष, अंजनी कुमार, केवला देवी, अनिल कुमार, मायावती, संजय के घर नदी में समा चुके हैं।

इसके साथ ही राजेंद्र,रामानंद,राधे, अनिल जोखू,झम्मन,दद्दू,रामजीत,सुनील,छोटू, संजीत,राम अवध,बैद्यनाथ,जुगरा,रामबहादुर का घर कटान की जद में आ चुका है। जो दो एक दिन में घाघरा में समा जाने की पूरी आशंका है।


सरयू नदी भी उफान पर आसपास के ग्रामीण सहमें

सरयू नदी (घाघरा नदी) में उफान से आसपास गांव के लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है। लोग पूरी रात्रि जगकर नदी की स्थित की जानकारी करते रहते है। वही जल का फैलाव होने से कई गांव के मार्ग पर पानी भर गया है।

नेपाल से छोड़ा गया पानी, गोंडा के 200 गाँव में बाढ़
नेपाल से छोड़े जा रहे पानी से कभी घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ जा रहा है तो कभी जलस्तर कम होने से नदी की जबरदस्त कटान शुरू हो जाती है। नदी का पानी खेती योग्य जमीन और घरों को काटता हुआ अन्य गांवों की ओर बढ़ रहा है। जिससे अभी कई और मकान कटान के मुहाने पर हैं। इससे यहां के लोगों में हड़कंप मचने के साथ ही पलायन और तेज हो गया है।

यह भी पढे: प्रयागराज संगम में 5 कोस तक सभी जगह मांस, मदिरा पर प्रतिबंध लगाने के लिए संतों का प्रस्ताव पास

कटान को देखते हुए कुछ लोग मकान पहले ही खाली कर चुके थे। जिनका मकान कट चुका है वह या तो बांध पर रहने लगा है या अपने रिश्तेदार के यहां शरण ले लिए है। अंजनी राजेश ने बताया कि उनका पक्का मकान कटान के जद में है इसलिये स्वयं तोड़ कर सरिया ईंट सुरक्षित कर रहे है।

यह भी पढे: यूपी की जेल में 4 दर्जन से ज्यादा कैदियों में HIV, 12 से अधिक एड्स के मरीज, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप