
Char Dham Yatra: उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा मार्ग पर 20 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) और 31 स्वास्थ्य जांच केंद्र बनाएगी। इन केंद्रों में श्रद्धालुओं को उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच की जाएगी। उपचार भी दिया जाएगा। कोशिश की जा रही है कि यात्रा के हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग आदि मुख्य पड़ावों पर ही श्रद्धालुओं की जांच कर ली जाए।
पिछले साल तीर्थयात्रियों के बीमार होने के 34 हजार से ज्यादा मामले सामने आए थे। ज्यादातर मेडिकल इमरजेंसी के केस थे। एक हजार से ज्यादा मरीजों को एम्बुलेंस और 90 मरीजों का हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू करना पड़ा था। इसे देखते हुए इस साल स्वास्थ्य मित्रों की संख्या बढ़ाई जा रही है। राज्य के सभी धाम और मंदिर काफी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हैं। ऑक्सीजन की कमी और दुर्गम भौगोलिक हालात का मुकाबला करने के लिए शारीरिक क्षमता मजबूत होना जरूरी है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि यात्रा से पहले ही उच्च जोखिम वाले तीर्थयात्रियों की पहचान से उन्हें मेडिकल सहायता देना आसान होगा। इस साल केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में दो नए अस्पताल खोले जा रहे हैं। केदारनाथ में 17 और बद्रीनाथ में 45 बेड के अस्पताल में यात्रियों को तत्काल चिकित्सकीय सुविधा देने के लिए 25 विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात रहेंगे।
यात्रा मार्ग पर 154 एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी। इनमें 17 एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस शामिल हैं। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यनुमोत्री में 47 विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इनमें 19 फिजिशियन, 23 हड्डी रोग विशेषज्ञ और पांच श्वास रोग विशेषज्ञ शामिल हैं। चारधाम ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों को अवकाश नहीं दिया जाएगा।
Updated on:
24 Mar 2025 08:04 am
Published on:
24 Mar 2025 08:03 am
