
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ और मेरठ में संपत्ति क्षति दावा अभिकरण (ट्रिब्यूनल) के गठन को मंजूरी दी है
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने तीन बड़े फैसले लिये हैं। राजनैतिक जुलूसों, विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए संपत्ति क्षति दावा अधिकरण का गठन किया है, जिसके तहत उपद्रवियों से नुकसान की रकम वसूली जाएगी। इस तरह के अधिकरण का गठन करने वाला यूपी देश का पहला राज्य है। सरकार ने उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (यूपीएसएसएफ) के गठन को मंजूरी दे दी है। यह धार्मिक स्थलों से लेकर कोर्ट परिसर और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के साथ-साथ वीआईपी ड्यूटी की जिम्मेदारी निभाएगा। तीसरा फैसला महिला और बाल अपराध से जुड़ा है। अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन को मंजूरी दी गयी है। इस फैसले के बाद महिला और बच्चों से जुड़े अपराध, शोषण के अलावा अन्य समस्याओं और शिकायतों की सुनवाई अब एक छत के नीचे होगी। सुरक्षा से जुड़े इन तीनों फैसलों के दूरगामी परिणाम होंगे।
संपत्ति क्षति दावा अभिकरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ और मेरठ में संपत्ति क्षति दावा अभिकरण (ट्रिब्यूनल) के गठन को मंजूरी दी है। अब उपद्रवियों से संपत्तियों के नुकसान की भरपाई की जाएगी। विरोध-प्रदर्शन के दौरान जिनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा, वे अभिकरणों में क्लेम कर सकेंगे। सरकारी संपत्ति जलाने वालों के घर को बेचकर संपत्ति का मूल्य वसूला जाएगा। अभिकरण के पास सिविल कोर्ट जैसी शक्तियां होंगी। इसका फैसला अंतिम होगा। इसके खिलाफ अन्य किसी न्यायालय में अपील नहीं हो सकेगी। आरोपितों को अपनी बेगुनाही का सबूत यहीं देना होगा। संपत्ति क्षति दावा अभिकरण में क्लेम से पहले संबंधित थानाध्यक्ष की रिपोर्ट लेनी होगी। थानाध्यक्ष की रिपोर्ट में नुकसान का आंकलन होगा, जिसके आधार पर संबंधित व्यक्ति तीन माह के भीतर दावा याचिका दाखिल कर सकता है। अभिकरण को आवेदन में 30 दिन के विलम्ब को माफ करने की शक्ति भी होगी।
लखनऊ मंडल के दावा अभिकरण के अंतर्गत झांसी, कानपुर, चित्रकूट, लखनऊ, अयोध्या, देवीपाटन, प्रयागराज, आजमगढ़, वाराणसी, गोरखपुर, बस्ती, विंध्याचल धाम मंडल की याचिकाएं स्वीकार की जाएंगी। वहीं, मेरठ मंडल के दावा अभिकरण के अंतर्गत सहारनपुर, मेरठ, अलीगढ़, मुरादाबाद, बरेली, आगरा मंडल की याचिकाएं स्वीकार की जाएंगी।
महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन
यूपी सरकार ने प्रदेश में महिला उत्पीडऩ और बाल अपराधों को रोकने के लिए एकीकृत महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन बनाने को मंजूरी दी है। अपर पुलिस महानिदेशक रैंक के अफसर को महिला एवं बाल विकास सुरक्षा विभाग का जिम्मा सौंपा जाएगा। इस पद पर सीनियर आईपीएस अफसर को भी नियुक्त किया जाएगा। यह प्रदेश में महिला अपराधों की रोकथाम के लिए नीतियों पर निर्णय लेगा। पुलिस विभाग में कार्यरत महिला उत्पीडऩ संबंधी सभी इकाइयां, जैसे- महिला सम्मान प्रकोष्ठ, महिला सहायता प्रकोष्ठ और हेल्पलाइन-1090 नवगठित कार्यालय में समाहित होंगे। लखनऊ में इसका अलग कार्यालय होगा।
उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (यूपीएसएसएफ) के गठन को भी मंजूरी दे दी है। कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए यूपीएसएसएफ के गठन की मंजूरी के बाद गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) की तर्ज पर इस सुरक्षा इकाई का गठन होगा। विशेष सुरक्षा बल को मेट्रो रेल, एयरपोर्ट, औद्योगिक संस्थानों, बैंकों, वित्तीय संस्थानों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, ऐतिहासिक, धार्मिक व तीर्थ स्थलों एवं अन्य संस्थानों, जनपदीय न्यायालयों की सुरक्षा में लगाया जाएगा। साथ ही वीवीआइपी सुरक्षा की ड्यूटी भी करनी होगी। इसके एडीजी अलग होंगे। इसका मुख्यालय लखनऊ में होगा। शुरुआत में यूपीएसएसएफ की पांच बटालियन गठित होंगी। हाईकोर्ट ने फरवरी में अदालतों की सुरक्षा-व्यवस्था के लिए विशेष सुरक्षा बल के गठन का निर्देश दिया था, जिसके बाद शासन ने यह निर्णय लिया है।
Published on:
18 Aug 2020 06:02 pm
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