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पुलिस हिरासत में युवक की मौत मामले में मानवाधिकार आयोग का यूपी सरकार को नोटिस

यूपी सरकार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अमरोहा जिले के धनौरा मंडी थाने में पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत के मामले में शुक्रवार को नोटिस जारी किया है और 4 हफ्तों में इसको लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

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लखनऊ

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Abhishek Gupta

Dec 28, 2018

UP government gives gift upto Rs 20 lakh to cops in case of disable

UP government gives gift upto Rs 20 lakh to cops in case of disable

लखनऊ. यूपी सरकार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अमरोहा जिले के धनौरा मंडी थाने में पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत के मामले में शुक्रवार को नोटिस जारी किया है और 4 हफ्तों में इसको लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मामला धनौरा मंडी थाने में 26 दिसंबर को पुलिस हिरासत के दौरान 30 वर्षीय युवक की मौत से जुड़ा है, जिसका संज्ञान लेते हुए आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है। आयोग ने सवाल किया है कि पुलिस हिरासत में जब युवक की मौत हुई तो इसके बारे में आयोग को सूचित क्यों नहीं किया गया।

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यह था प्रकरण-

पुलिस ने चोरी के एक प्रकरण में युवक को 23 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। मृतक के परिजनों का आरोप है कि वे लोग एक विवाह में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे, उसी समय पुलिस ने युवक को उठा लिया। उसे बिना किसी शिकायत हवालात में रखा गया और कथित तौर पर यातना दी गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे छोड़ने के लिए 5 लाख रुपये घूस मांगी थी, जो वे नहीं दे सके।

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आयोग ने कहा कि यह मानवाधिकारों का है घोर उल्लंघन-

आयोग ने मीडिया खबरों का स्वतः संज्ञान लिया और कहा कि अगर मीडिया खबरों में आई बात सही है तो यह पीड़ित के मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है। आयोग ने कहा कि यूपी सरकार की रिपोर्ट में यह भी इंगित होना चाहिए कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति कानून एवं नियमों के तहत मृतक के परिजनों को कोई आर्थिक या अन्य राहत प्रदान की गई या नहीं। आयोग ने एक विज्ञप्ति में कहा कि संबंधित थाने के प्रभारी सहित 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।