
लखनऊ. UP Vidhan Sabha Deputy Speaker- 18 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इस दिन नितिन अग्रवाल के तौर पर उत्तर प्रदेश को 18वां विधानसभा उपाध्यक्ष यानी डिप्टी स्पीकर मिल जाएगा। भाजपा ने 18 अक्टूबर को सपा विधायक नितिन अग्रवाल को डिप्टी स्पीकर के लिए अपना उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है, जब राज्य विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आजादी के 75 साल के अवसर पर आयोजित किया जाएगा। वित्त और संसदीय मामलों के मंत्री सुरेश खन्ना ने इसकी पुष्टि की है कि अग्रवाल को पद के चुनाव के लिए पसंद किया गया है। परंपरा के अनुसार, उपाध्यक्ष को मुख्य विपक्षी दल के सदस्यों में से चुना जाता है। राज्य विधानसभा का गठन 14 मार्च, 2017 को किया गया था और इसके पांच साल के कार्यकाल के अंत में नए उपाध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। ऐसे में इस पद पर उनका कार्यकाल पांच महीने से भी कम समय का होगा।
विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे ने बताया कि विधानसभा उपाध्यक्ष चुनाव के लिए 17 अक्तूबर को सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक नामांकन होगा। उन्होंने कहा कि उपाध्यक्ष चुनाव के लिए नामांकन पत्र विधानसभा सचिव के कक्ष से मिलेगा। कोई भी सदस्य नामांकन पत्र भरकर विधानसभा सचिव के समक्ष जमा कर सकता है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा
विपक्ष के नेता राम गोविंद चौधरी ने कहा, "हमें विधानसभा सत्र के एजेंडे के बारे में पता नहीं है। व्यापार सलाहकार समिति की एक बैठक जाहिर तौर पर 17 अक्टूबर, 2021 को बुलाई जाएगी। परंपरा के अनुसार, उपाध्यक्ष को मुख्य विपक्ष पार्टी से चुना जाता है। चुनाव विपक्षी दलों के नेताओं के परामर्श से किया जाता है। अगर वे समाजवादी पार्टी के किसी सदस्य को उपाध्यक्ष के रूप में चुनना चाहते हैं, तो उन्होंने हमारे नेतृत्व से परामर्श किया होगा।"
क्षमता के अनुसार कर्तव्यों का पालन करूंगा : नितिन अग्रवाल
इसी की तर्ज पर नितिन अग्रवाल ने कहा, "मुझे उपाध्यक्ष पद के लिए अपने संभावित चुनाव के बारे में कोई संकेत नहीं है। लेकिन अगर कोई जिम्मेदारी दी जाती है, तो मैं अपनी क्षमता के अनुसार कर्तव्यों का पालन करूंगा।"
सपा से विधायक हैं नितिन अग्रवाल
दिलचस्प बात यह है कि अग्रवाल समाजवादी पार्टी के विधायक हैं, जो 2018 में भाजपा में शामिल हो गए थे। अग्रवाल की अयोग्यता की मांग वाली समाजवादी पार्टी की याचिका को हाल ही में खारिज कर दिया गया था। उनके पिता पूर्व मंत्री नरेश अग्रवाल भी भाजपा नेता हैं।
18 अक्टूबर को विशेष सत्र
विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार एक दिवसीय सत्र में औपचारिक कार्य के साथ सरकार अध्यादेशों, अधिसूचनाओं और नियमों को सदन के पटल पर रखा जा सकता है। विधेयकों का पुनस्र्थापन भी प्रस्तुत किया जा सकता है। विधानसभा के 18 अक्तूबर को आयोजित एक दिनी सत्र में कई विधेयक रखे जाएंगे। इसमें उत्तर प्रदेश औद्योगिक शांति (मजदूरी का यथासमय संदाय) (संशोधन) अध्यादेश-2021 और उत्तर प्रदेश अध्यादेश संख्या सात सन 2021 को मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
Published on:
14 Oct 2021 03:12 pm
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