
ओपी राजभर का पुराना वीडियो महंगाई पर सवाल उठाते हो रहा वायरल, PC- ANI
ओमप्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) ने अक्टूबर 2021 में समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन किया था। 2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उन्होंने सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा। बाद में 2022-23 में वे भाजपा/एनडीए में वापस लौट आए और वर्तमान में योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। ओपी राजभर का पुराना एक वीडियो इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। जब वह महंगाई बढ़ने पर भाजपा पर तंज कसते दिखाई दे रहे थे। लेकिन, उस समय ओपी राजभर सपा में थे और अब वह NDA का हिस्सा हैं और पंचायती राज मंत्री हैं तो उनका यह वीडियो काफी वायरल हो रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ओमप्रकाश राजभर ने महंगाई, गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल आदि पर BJP नेतृत्व पर निशाना साधा था। वह वायरल वीडियो में कहते नजर आ रहे हैं कि सिलेंडर का दाम बढ़ गया, कांग्रेस सरकार में तो 400 ही था और जब 400 था तो राजनाथ सिंह, नरेंद्र मोदी, अमित शाह सिलेंडर को माला पहनाकर उसको सिर पर उठा लेते थे। लेकिन, अब इन लोगों को यह महंगाई दिखाई नहीं दे रही है। अरहर का दाल 60 रुपया से सवा सौ, सरसों का तेल पचास रुपया से ढाई सौ, पेट्रोल सौ पार, डीजल पंचानवे रुपया से सौ पार…।
भदोही की एक सभा के दौरान राजभर ने कहा था कि अमित शाह और मोदी हमारे अच्छे दिन ले लें और बुरे दिन वापस कर दें। बुरे दिन में 500 रुपये में सिलेंडर मिलता था, अच्छे दिन में 1000 रुपये में मिल रहा है। पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं।
अब ओपी राजभर का यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। यूजर कमेंट कर रहे हैं कि राजभर अब कहां हैं। वह महंगाई पर अब कुछ क्यों नहीं बोल रहे हैं। जब पेट्रोल-डीजल और सिलिंडर के दाम आसमान छू रहे हैं। हर चीज महंगी हो रही है।
वर्तमान में भारत में महंगाई धीरे-धीरे बढ़ रही है, जिसकी मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध है। युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल है। अप्रैल 2026 में थोक महंगाई (WPI) 8.3% तक पहुंच गई, जो पिछले साढ़े तीन साल का उच्चतम स्तर है, जबकि खुदरा महंगाई (CPI) अप्रैल में 3.48% हो गई, जिसमें खाद्य महंगाई 4.2% रही। ईंधन, बिजली और परिवहन क्षेत्र में लागत बढ़ने से उत्पादन, लॉजिस्टिक्स और कई वस्तुओं की कीमतें प्रभावित हो रही हैं। कमजोर रुपये, आयातित ऊर्जा पर निर्भरता और कुछ सब्जियों-दालों में दबाव ने भी इसमें योगदान दिया है। आगे कमजोर मानसून की आशंका खाद्य महंगाई को और बढ़ा सकती है। सरकार अभी पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखकर उपभोक्ताओं को राहत दे रही है, लेकिन वैश्विक दबाव जारी रहा तो आने वाले महीनों में महंगाई 4% के ऊपरी स्तर पर पहुंच सकती है। RBI और अर्थशास्त्री इसी वजह से सतर्क हैं।
Updated on:
02 Jun 2026 03:24 pm
Published on:
02 Jun 2026 03:20 pm
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