
लखनऊ. एससी-एसटी एक्ट के विरोध में दलित संगठनों का भारत बंद का हिंसक हो गया। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्रदर्शनकारी हिंसक हो गये और जमकर जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान दो की मौत हो गई, जबकि तीन दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गये हैं। डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर प्रवीण कुमार ने बताया कि भारत बंद के दौरान एक की मौत और तीन लोग गंभीर घायल हुए हैं, जबकि 35 लोगों को चोटें आई हैं। 448 लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश के 10 फीसदी एरिया ही प्रदर्शन से प्रभावित रहा है, शेष 90 फीसदी एरिया में शांति-व्यवस्था कायम रही है। मुजफ्फरनगर में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि भारत बंद आंदोलन के दौरान दूसरे व्यक्ति की फिरोजाबाद में मौत हो गई।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदर्शनाकरियों से शांति बनाये रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार दलितों के विकास और प्रगति के लिये बेहद गंभीर है। केंद्र और राज्य सरकार पिछड़े वर्गों के कल्याण, एससी और एसटी के प्रति समर्पित हैं। लोग प्रदर्शन के दौरान कानून हाथ में न लें। बसपा सुप्रीमो मायावती ने बीजेपी सरकार को दलित विरोधी करार दिया। उन्होंने हिंसा फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इसके आंड़ में प्रदर्शनकारियों को प्रताड़ित न किया जाये।
कहीं ट्रेन रोकी तो कहीं हुई लूटपाट
एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सोमवार को दलित संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया। सुप्रीम कोर्ट के एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के फैसले के विरोध में भारत बंद आंदोलन बेहद हिंसात्मक हो गया। उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। दर्जनों वाहनों को आग के हवाले किया गया। सुबह से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया। आगरा में प्रदर्शनकारियों ने जहां गतिमान एक्सप्रेस को रोककर दलितों ने प्रदर्शन किया, वहीं मेरठ की एक पुलिस चौकी में आग लगा दी। कई जगह प्रदर्शनकारी हिंसक हो गये और जमकर जमकर तोड़फोड़ की। मेरठ, गोरखपुर, सहारनपुर, हापुड़, आजमगढ़ और आगरा समेत यूपी के कई जिलों में हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए सूबे के सभी जिलों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मुजफ्फरनगर में लूटपाट के बाद फायरिंग के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई।
यूपी के सभी जिलों में अलर्ट
हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए यूपी के सभी जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रमुख सचिव गृह ने आदेश सभी जिलों के डीएम और एसपी आदेश जारी करते हुए कहा कि आगजनी व तोड़फोड़ पर सख्ती करें और किसी भी तरह का बवाल नहीं होने दें।
लखनऊ में बसपा और कम्युनिस्ट पार्टी का प्रदर्शन
लखनऊ के हजरतगंज स्थित अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर बसपा और कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एससी-एसटी एक्ट के विरोध में जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध जताया। बड़ी संख्या में एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों के साथ अन्य समर्थक भी हाथ में झंडा लेकर सड़कों पर उतर आए। एससी-एसटी एक्ट से जुड़े निर्णय को वापसलेने की मांग पर सभी अड़े रहे। अंबेडकर के नाम पर राजनीति बंद करो..दलितों का शोषण बंद करो के नारे लगाए। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों का आवागमन रुक गया। वहीं, प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए मौके पर पुलिस गई तो हल्की-फुल्की झड़प भी हुई।
दलित विरोधी है बीजेपी सरकार : मायावती
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने दलित और आदिवासी अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। भारत बंद आंदोलन के दौरान हिंसक घटनाओं का तीखा विरोध करते हुए मायावती ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ अराजकतत्व घुस गये हैं, जिन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिये, लेकिन प्रदर्शनकारियों को बलि का बकरा न बनाया जाये। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की कथनी-करनी में काफी अंतर है। बीजेपी सरकार दलित विरोधी है। बसपा इस लड़ाई का समर्थन करती है और प्रदर्शनकारियों के साथ है। मायावती ने कहा कि दलितों को उनका हक नहीं मिल रहा है, इसलिये वे प्रदर्शन करने को बाध्य हैं।
Updated on:
02 Apr 2018 08:04 pm
Published on:
02 Apr 2018 06:32 pm
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