Lucknow News: आपने कई बार सुना होगा कि बच्चों ने बूढ़े मां-बाप को वृद्धाश्रम में छोड़ दिया। जहां उन्हें छत तो नसीब होती है, लेकिन लखनऊ का यह मामला बिल्कुल अलहदा है। यहां बूढ़ी मां को बेटे बारिश में भीगता हुआ सड़क पर छोड़ गए।
Lucknow News: आपने कई बार सुना होगा कि बच्चों ने बूढ़े मां-बाप को वृद्धाश्रम में छोड़ दिया। जहां उन्हें छत तो नसीब होती है, लेकिन लखनऊ का यह मामला बिल्कुल अलहदा है। यहां बूढ़ी मां को बेटे बारिश में भीगता हुआ सड़क पर छोड़ गए। मामला लखनऊ के कृष्णानगर थानाक्षेत्र के आलमबाग नहर चौराहे का है। यहां हरदोई की रहने वाली बुजुर्ग महिला को उनके बेटे बारिश में भीगता हुआ बीच सड़क पर छोड़ गए। यहां भीषण बारिश में भी महिला बेटों के इंतजार में वहीं खड़ी रही, जहां बेटे छोड़कर गए थे। कभी वह सड़क पार कर डिवाइडर के पास तक जाती और बेटों को आवाज लगाती तो कभी फिर सड़क किनारे आकर खड़ी हो जाती, बेटों के इंतजार में बुजुर्ग महिला 5 घंटे तक वहीं खड़ी रही।
इस बीच आसपास के दुकानदार उसे देख रहे थे। उन्होंने कृष्णानगर पुलिस को फोन कर मामले की जानकारी दी। कृष्णानगर कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने जब बुजुर्ग मां से बातचीत करनी चाही तो महिला ने कहा उसके बेटे आने वाले हैं।
इसपर पुलिस ने उनसे पूछताछ कर बेटों के बारे में पूछा। बाद में उसे अपने साथ ले जाकर उनके कपड़े बदलवाए और अस्पताल से दवा दिलाई। इसके बाद उन्हें पुलिस ने खाना खिलाया। इसके बाद जब बुजुर्ग ने पुलिस को सच्चाई बताई तो सुनने वाला हर कोई हैरान रह गया।
पैतृक संपत्ति बेचकर कहीं जा चुके हैं बेटे, बेटी ने भी मोड़ा मुंह
बुजुर्ग महिला ने अपना नाम रामबेटी मिश्रा पत्नी स्व. रामबहादुर मिश्रा बताया है। वह हरदोई जिले के सुरसा थाना क्षेत्र स्थित खरजुरहा गांव की रहने वाली हैं। उनके दो बेटे प्रकाश मिश्रा, राहुल मिश्रा और एक बेटी है। तीनों की शादी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वह दोनों बेटों के साथ हरदोई में रहती थीं। उनके लड़के उन्हें लावारिस छोड़कर कहीं चले गए। कृष्णानगर पुलिस ने हरदोई पुलिस से संपर्क कर छानबीन करवाई तो पता चला कि रामबेटी के दोनों बेटे पैतृक संपत्ति बेचकर कहीं जा चुके हैं। बेटों से संपर्क न होने पर पुलिस ने उनकी बेटी से बातचीत की, लेकिन उसने भी मां को साथ रखने में असमर्थता जताई।
कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि सोमवार को बुजुर्ग महिला का मेडिकल कराने के बाद उन्हें सरोजनीनगर के एक वृद्धाश्रम में आश्रय दिलाया गया है। फिलहाल उनके बेटों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। बेटों से बात होने के बाद ही पता चलेगा कि वे उन्हें लावारिस छोड़कर गए हैं या बुजुर्ग महिला भटक गई है। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने कहा कि आजकल बदलती आबोहवा में लोगों की सोच तेजी से बदल रही है। बेटों के साथ इस बुजुर्ग को उनकी बेटी भी रखने को तैयार नहीं है। फिलहाल पुलिस उनकी मदद में लगी है।