
CM Yogi
CM Yogi: गुरुवार को सीएम योगी 43वें रामायण मेले के उद्घाटन सत्र में शामिल होने अयोध्या पहुंचे। उन्होंने हनुमानगढ़ी और रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई और 4 दिवसीय रामायण मेले का उद्घाटन किया। यहां सीएम योगी ने अपने संबोधन में बांग्लादेश, संभल और बाबर से जुड़े मामले पर बयान दिया।
सीएम योगी ने कहा कि याद करें 500 साल पहले अयोध्या कुंभ में बाबर के आदमी ने क्या किया था। वही चीज संभल में हुई और वही चीज बांग्लादेश में हो रही है। इन तीनों की प्रकृति और डीएनए एक ही है। अगर कोई सोचता है कि यह सिर्फ बांग्लादेश में हो रहा है, तो समझ लें कि ऐसे तत्व यहां भी मौजूद हैं, जो आपको सौंपने के लिए तैयार बैठे हैं। उन्होंने सामाजिक एकता को तोड़ने की पूरी तैयारी कर ली है। इनमें से कुछ लोग ऐसे हैं जिनकी संपत्तियां विदेश में हैं। अगर यहां संकट आता है, तो वे भाग जाएंगे और बाकी लोगों को यहां मरने के लिए छोड़ देंगे।
सीएम योगी के इस बयान के बाद राजनितिक सरगर्मी बढ़ गई। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकसभा संसद असदुद्दीन ओवैसी, आप आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और समाजवादी पार्टी से कैराना की सांसद इक्रा हसन ने जमकर हमला बोला।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 'उत्तर प्रदेश के सीएम ने वाकई खतरनाक और आपत्तिजनक बात कही है। भारतीय मुसलमानों का बांग्लादेशी हिंदुओं से क्या लेना-देना? बांग्लादेश में जो हो रहा है उसके लिए भारत का नागरिक कैसे जिम्मेदार है ?
एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सीएम योगी के बयान पर कहा कि भाजपा सरकार ने अपदस्थ नेता को भारत में रहने की अनुमति क्यों दी? उस नेता को वापस (बांग्लादेश) भेजो। मुख्यमंत्री संभल मामले को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं जो कि बाबरी मस्जिद के बारे में भी गलत है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वहां कोई मंदिर नहीं तोड़ा गया। आप किसका डीएनए कराएंगे? आप ऊंची जाति से हैं तो आप किसका डीएनए कराएंगे?
संभल और बांग्लादेश पर योगी आदित्यनाथ के बयान पर राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि 'ऐसे बयानों का मकसद क्या है? वे फसल की कीमतों, या आजीविका, बिजली की बढ़ती कीमतों, या यूपी में बंद हो रहे 50,000 स्कूलों के बारे में बात नहीं करते हैं।
सीएम योगी के बयान पर पलटवार करते हुए समाजवादी पार्टी की सांसद इक्रा हसन ने कहा कि लगातार इस तरीके से वो टारगेट करके अल्पसंखयकों पर हमला करते हैं वो बहुत गलत है। जो संभल में हुआ और उसे 500 साल पहले से जोड़ा जा रहा है तो 500 साल पहले राजशाही शासन था। अब हमारे यहां लोकतंत्र है। अगर हम लोकतंत्र में भी वही रवैया अपननायेंगे तो हममें और उनमे कोई अंतर नहीं रह जायेगा।
संभल में हुई हिंसा के बाद विपक्ष के नेता लगातार सरकार पर हमलावर हैं। प्रदेश में मैनपुरी से सपा सांसद डिंपल यादव ने दिल्ली में प्रदेश की सरकार को संभल हिंसा का दोषी बताया है। दोषियों के पोस्टर जारी करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हिंसा की दोषी तो सरकार है।
24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद के मामले में रविवार की सुबह जैसे ही सर्वे की टीम पहुंची थी। लोगों ने पथराव करना शुरू कर दिया था। बवाल इतना बढ़ गया कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। मौके पर हालात अभी भी संवेदनशील हैं। पुलिस प्रशासन मौके पर तैनात है।
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Published on:
05 Dec 2024 08:59 pm

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