लखनऊ में मारा गया 'प्रॉपर्टी डीलर' निकला हिस्ट्रीशीटर, पुलिस के उड़े होश

बुधवार को राजधानी लखनऊ में दिनदहाड़े एक प्रॉपर्टी डीलर की घर में घुसकर हत्या कर दी गई। हालांकि बाद में तफ्तीश में खुलासा हुआ कि वह गोरखपुर का हिस्ट्रीशीटर था,

By: Abhishek Gupta

Published: 02 Sep 2020, 03:40 PM IST

लखनऊ. बुधवार को राजधानी लखनऊ में दिनदहाड़े एक शख्स की घर में घुसकर हत्या (Murder) कर दी गई। हालांकि बाद में तफ्तीश में खुलासा हुआ कि वह गोरखपुर का हिस्ट्रीशीटर (Historysheeter) था, जिसके खिलाफ आठ मामले दर्ज थे। मामला लखनऊ के पीजीआई थाना (PGI Police) क्षेत्र के वृंदावन कॉलोनी सेक्टर 14 स्थित बरौली का है जहां बदमाशों ने घर में घुसकर प्रॉपर्टी डीलर का चोला ओढ़े दुर्गेश यादव को गोली मार दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल दुर्गेश को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले से इलाके में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है पुलिस ने केस से जुड़े एक आरोपी मनीष यादव को उसकी गाड़ी के साथ गिरफ्तार भी कर लिया है। पुलिस की तफ्तीश में यह खुलासा हुआ कि मारा गया दुर्गेश यादव प्रॉपर्टी डीलर नहीं बल्कि गोरखपुर का हिस्ट्रीशीटर था। जिसके खिलाफ लूट ,रंगदारी, फर्जीवाड़े के 8 मुकदमे गोरखपुर में दर्ज थे। वह राजधानी में प्रॉपर्टी डीलर बना कर रह रहा था।

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मामला में एसीपी कैंट बीनू सिंह ने बताया कि सुबह एसयूवी सवार लोग दुर्गेश के घर आए थे। सभी ने अंदर बैठकर काफी देर तक बातचीत की। बाहर जाते समय किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। तभी दुर्गेश की पेट में गोली मार कर हत्या कर दी गई। पुलिस को आशंका है कि रुपए के लेनदेन में ही विवाद हुआ है, जिसके बाद दुर्गेश को गोली मारी गई। पुलिस की प्राथमिक जांच में सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर 68 लाख रुपये के लेन-देन की बात सामने आई है। वहीं पुलिस ने एक आरोपी मनीष यादव को गिरफ्तार कर लिया है। वह फर्रुखाबाद के शिकोहाबाद का रहने वाला है।

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घर से फर्जी दस्तावेज हुए बरामद-

सनसनी फैलाने वाले मामले में जब पुलिस ने जांच की तो वह भी हैरान रह गई। मृतक दुर्गेश के कमरे की तलाशी ली गई तो भारी संख्या में फर्जी मार्कशीट व नौकरियों से जुड़े हुए दस्तावेज मिले। सचिवालय से जुड़े हुए भी कई कागजात और मुहर पुलिस को मौके से प्राप्त हुए। जिस मकान में दुर्गेश रहता था वो सचिवालय के एक समीक्षा अधिकारी का था। कमरे में हर जगह खून बिखरा था। इससे साफ हो रहा था कि दुर्गेश और आरोपियों में मारपीट हुई थी।

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