बता दें कि जब पीयूष पहुंचे तो उसी वक्त नारेबाजी शुरू हो गई। वह रेलवे स्टेडियम में अधिवेशन में शामिल होने आए थे, लेकिन उनके भाषण के बाद कर्मचारियों ने उनसे अभद्रता की। इस दौरान रेलकर्मचारियों की धक्कामुक्की से बचते हुए मंत्री को भागना पड़ा। अधिवेशन में संबोधन के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि यूनियन लोगों को बहका रही है। यह युवाओं को गलत राह पर ले जा रही है। गोयल के इस बयान के बाद वहां हंगामा शुरू हो गया। लेकिन मंत्री ने बोलना बंद नहीं किया, तो गुस्साए रेलकर्मियों ने वहां लगे गमले फेंकने शुरू कर दिए। इससे वहां भगदड़ मच गई। यूनियन के पदाधिकारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी।