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लखनऊ कांड : मृतक विवेक की पत्नी ही नहीं, हर आम आदमी मांग रहा है इन 5 सवालों के जवाब

आम आदमी की सुरक्षा का दावा करने वाली लखनऊ की 'मित्र' पुलिस के एक सिपाही ने निरपराध युवक की गोली मारकर हत्या कर दी...
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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

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Updated: 29 Sep 2018, 7:58 PM IST

vivek tiwari

लखनऊ कांड : मृतक विवेक की पत्नी ही नहीं, हर आम आदमी मांग रहा है इन 5 सवालों के जवाब

लखनऊ. आम आदमी की सुरक्षा का दावा करने वाली लखनऊ की 'मित्र' पुलिस के एक सिपाही ने निरपराध युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। उसका कुसूर बस इतना था कि वह देर रात अपनी महिला सहकर्मी को कार में बिठाकर उसके घर छोड़ने जा रहा था। आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी ने कहा कि रात करीब 2 बजे उन्होंने देखा कि एक संदिग्ध कार की लाइट ऑफ है। पूछताछ करने की कोशिश की तो ड्राईवर ने उसे कार से कुचलना चाहा, जिसके बाद अपने बचाव में उसे गोली चलानी पड़ी।। हालांकि, पुलिस ने आरोपी सिपाहियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करते हुए जेल भेज दिया गया है। हादसे के बाद से पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठने लाजिमी हैं। सोशल मीडिया पर हर आदमी योगी आदित्यनाथ सरकार और यूपी पुलिस से एक जैसे ही सवाल पूछ रहे हैं। कमोबेश इन्हीं सवालों के जवाब मृतक की पत्नी कल्पना तिवारी मांग रही हैं।

सवाल नंबर-1
ऐसा क्या हो गया कि पुलिस को विवेक तिवारी पर सामन से गोली चलानी पड़ी। अगर कुछ गलत था तो उसे गिरफ्तार किया जा सकता था या फिर गाड़ी नंबर से उसके घर पहुंचा जा सकता था। फिर भी गोली मारना बहुत जरूरी था तो पैर पर गोली क्यों नहीं मारी गई? पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ है कि गोली युवक के सिर के पास नजदीक से मारी गई है।

सवाल नंबर- 2
विवेक तिवारी अगर महिला सहकर्मी के ऐसी कौन सी स्थिति में था, जो पुलिस उसकी जान लेने पर उतारू हो गई। मृतक की पत्नी ने पुलिस पर पति के चरित्र हनन का भी आरोप लगाया है।

सवाल नंबर- 3
सोशल मीडिया पर लोग जानना चाह रहे हैं कि क्या यूपी पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट का दो दिन पहले का फैसला नहीं पढ़ा? जिसमें कोर्ट स्पष्ट रूप से कहा है कि कोई भी स्त्री अपनी मर्जी से गैरमर्द के शारीरिक संबंध बना सकती है। फिर भी पुलिस ने इसे संगीन अपराध मानते हुए युवक की जान ले ली। लोगों का कहना है कि हो सकता है आरोपी पुलिसवाले संदिग्ध परिस्थितियों की बात कहकर बचना चाह रहे हैं या फिर हो सकता है कि दोनों बात कर रहे हैं। लेकिन क्या यह इतना बड़ा गुनाह है कि पुलिस उसे गोली मार दी।

सवाल नंबर- 4
लोग पूछ रहे हैं कि अगर हम रात के सन्नाटे में गाड़ी नहीं रोकेंगे तो क्या पुलिस गोली मार देगी? जबकि पुलिस द्वारा ऐसी परिस्थितियों में कई मामले वसूली के सामने आते रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है ऐसे तो रात 11 बजे के बाद लोगों का शहर में निकलना मुश्किल हो जाएगा।

सवाल नंबर-5
सोशल मीडिया पर लोग लखनऊ पुलिस पर तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसी वारदातों के जरिये 'मित्र' होने का दावा करने वाली लखनऊ पुलिस क्या साबित करना चाहती है?