
लखनऊ. अखिलेश सरकार के दौरान हुई कई नियुक्तियों की जांच चल रही है। इस बीच साल 2015 में हुए ग्राम विकास अधिकारी के कई पदों पर हुई नियुक्तियों की जांच के दौरान विजिलेंस की टीम ने फिजिकल टेस्ट की वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी है। सूत्रों के मुताबिक, विजिलेंस टीम को शक है कि फिजिकल टेस्ट में धांधली हुई थी।
पिछली सपा सरकार के कार्यकाल में ग्राम विकास अधिकारी के 16000 रिक्त पदों की भर्ती निकाली गई थी। इसकी लिखित परीक्षा हो चुकी है। यही नहीं इस क्रम में लगभग 3100 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू भी हो चुका है। मगर कुछ अभ्यर्थियों द्वारा भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बाद इंटरव्यू की प्रक्रिया रोक दी गई। इसी बीच प्रदेश में सरकार बदल गई और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भी भंग कर दिया गया। आयोग के गठन के बाद अब स्थगित इंटरव्यू प्रक्रिया को शुरू करने का फैसला किया गया है।
युवा कल्याण विभाग के 696 पदों पर होगी भर्ती उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग जल्द ही युवा कल्याण विभाग के रिक्त 696 पदों पर करेगा। इनमें युवा कल्याण अधिकारी के 652 और व्यायाम अधिकारी के 44 पद शामिल हैं। यह आयोग के पुनर्गठन के बाद पहली भर्ती होगी। आयोग की बैठक में इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को शुरू करने को मंजूरी दे दी गई है।
उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की भर्तियों की सीबीआई जांच के मामले में सीबीआई की कई टीमें यूपी लोकसेवा आयोग पहुंची, सीबीआई एसपी राजीव रंजन के नेतृत्व में अखिलेश सरकार के कार्यकाल में हुई भर्तियों की सीबीआई की टीमें 31 जनवरी से कर रही है जांच।
बता दें कि सीबीआई जांच के दायरे में सपा शासनकाल में 31 मार्च 2012 से लेकर 31 मार्च 2017 के बीच हुई लगभग 20 हजार भर्तियां होंगी, जिसमें पीसीएस से लेकर डॉक्टर और इंजीनियर तक के पद शामिल है। आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर इन भर्तियों को अंजाम दिया गया। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में मनमानी की गई और डॉक्टर व इंजीनियरों की भर्ती में भी खेल किया गया।
Published on:
15 May 2018 08:11 pm
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