
gg
लखनऊ. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव में बसपा के साथ गठबंधन जारी रहेगा। यहां तक कि अगर बीएसपी को सीटें ज्यादा भी देनी पड़ जाएं तो भी वे पीछे नहीं हटेंगे। अखिलेश ने इस बयान से इशारा कर दिया है कि महागठबंधन में मायावती की भूमिका सबसे अहम होने वाली है। लिहाजा बीएसपी को ज्यादा सीटें भी मिल सकती हैं। ऐसे में सपा को कम सीटों से ही संतुष्टी करनी पड़ेगी। अब सवाल ये उठ रहे हैं कि अखिलेश के लिए माया का साथ क्यों जरूरी हो गया है-
ये हैं पांच मुख्य कारण
- फूलपुर, गोरखपुर, कैराना, नूरपुर के उपचुनाव ने साबित कर दिया कि बीजेपी को हराने के लिए सपा-बसपा का एकजुट होना जरूरी है। बिना बीएसपी के समर्थन के बीजेपी को चुनौती देना आसान नहीं।
-बीएसपी का वोट बैंक भी अहम कारण हैं। भले ही पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा अपना खाता न खोल पाई हो लेकिन उसका वोट प्रतिशत खराब नहीं था। ऐसे में अखिलेश को इस बात का अंदाजा है कि बीएसपी के पास उनसे ज्यादा बड़ा वोट बैंक है।
-सोशल मीडिया पर सरकारी आवास में तोड़फोड़ की तस्वीरों ने अखिलेश की काफी किरकिरी कराई। ऐसे में इसका असर चुनाव पर न पड़े इसलिए अखिलेश ज्यादा सीटें भी बसपा को देने को तैयार हैं।
- मायावती को ज्यादा सीटें देकर अखिलेश ये भी जताना चाहते हैं कि वे सीनियर लीडर की पूरी इज्जत करते हैं। माया ने एक बार बयान दिया था अखिलेश उनसे कम अनुभवी हैं इसी कारण बीजेपी की चाल में फंस गए।
-माया को साथ रख अखिलेश विपक्षी एकता का संकेत भी देना चाहते हैं। जाहिर है बीजेपी को चुनौती देने लिए विपक्ष का एकजुट होना बेहद जरूरी है।
अखिलेश का तर्क
अखिलेश यादव ने कहा कि यह लड़ाई लंबी है, बसपा के साथ गठबंधन जारी रहेगा। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि बीजेपी की हार तय हो। जरूरत पड़ी तो समाजवादी लोग त्याग करने में पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं को बसपा का सहयोग करने के निर्देश भी दिए।अखिलेश ने कहा कि यह गठबंधन लोकसभा चुनाव से आगे भी जारी रहेगा। विधानसभा चुनाव में भी गठबंधन रहेगा। अगर दो-चार सीटें ऊपर-नीचे रहीं तो हम समाजवादी लोग त्याग करने में पीछे नहीं हटेंगे। बसपा को समर्थन देकर बीजेपी को नीचे ले जाने का काम करेंगे।
बीएसपी चाहती है 40 सीटें
सूत्रों के मुताबिक, महागठबंधन में बीएसपी 40 सीटें चाहती है। वहीं कांग्रेस, आरएलडी को भी अगर इसमें शामिल किया जाता है तो सपा को 30 या उससे कम सीटों पर चुनाव लड़ना होगा। ऐसे में अखिलेश ने साफ कर दिया है कि वह इसमें पीछे नहीं हटेंगे, बीएसपी को उनकी मर्जी सीटें मिलेंगी।
Published on:
11 Jun 2018 12:37 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
