
Rent Agreement Act amendment मकान मालिक और किराएदार के बीच अक्सर विवाद के मामले सामने आया करते हैं। नौबत मारपीट और कोर्ट मुकदमे तक की आ जाती है। जिसको देखते हुए प्रदेश सरकार किराएदारी अधिनियम में बदलाव करने जा रही है। अब रेंट एग्रीमेंट के लिए अलग से पोर्टल बनाया जा रहा है। स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि जिसके माध्यम से मकान मालिक और किराएदार के बीच एग्रीमेंट होगा। इसकी एक निर्धारित फीस भी रखी जाएगी। जो वर्तमान की तुलना में काफी कम रहेगी। जल्द ही नए एग्रीमेंट अधिनियम का प्रस्ताव कैबिनेट में रखने की तैयारी है।
उत्तर प्रदेश में मकान मालिक और किराएदार के बीच एग्रीमेंट के लिए नया फॉर्मेट तैयार किया जा रहा है इस संबंध में स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि इसके लिए पोर्टल तैयार किया जा रहा है जिसके माध्यम से मकान मालिक हो किराएदार आपस में एग्रीमेंट कर सकते हैं इसके लिए जल्दी कैबिनेट में प्रस्ताव रखा जाएगा। नए अधिनियम में स्टांप शुल्क 2 प्रतिशत रखने का प्रस्ताव है। न्यूनतम 500 स्टांप शुल्क रखा जा सकता है। पोर्टल में कराए गए रजिस्टर्ड एग्रीमेंट से मकान मालिक और किराएदार दोनों के हित सुरक्षित रहेंगे एग्रीमेंट के अनुसार मकान मालिक किराएदार को सुविधा उपलब्ध कराएगी इसका प्रिंटआउट भी लिया जा सकता है।
वर्तमान समय में रेंट एग्रीमेंट किराया और अवधि पर निर्भर करता है। जिसके अनुसार स्टांप शुल्क लिया जाता है। जो काफी महंगा है। इसके बदले मकान मालिक और किराएदार के बीच मन मुताबिक स्टांप लेकर उस पर एग्रीमेंट कर लिया जाता है। जिसकी कोई कानूनी मान्यता भी नहीं है। यही कारण है कि आए दिन विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है और मामला कोर्ट कचहरी तक पहुंच जाता है। इन सब परेशानियों से बचने के लिए रेट एग्रीमेंट अधिनियम लाया जा रहा है।
Updated on:
12 Feb 2025 12:34 pm
Published on:
12 Feb 2025 12:33 pm
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