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मेवा पाने के लिए नहीं, बल्कि आत्मप्रेरणा से सेवा करता है संघ: भागवत

भागवत ने कहा कि हम अपने स्तर से व्यवस्था करके सेवा करते हैं, किसी संगठन की मदद से नहीं।

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Raghvendra Pratap

Mar 29, 2016

mohan bhagwat

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लखनऊ. राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि समाज के दुख-दर्द को दूर करने संघ लोगों की सेवा करता है। हम किसी मजबूरी, भय या मेवा प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि आत्मप्रेरणा से सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने स्तर से व्यवस्था करके सेवा करते हैं, किसी संगठन की मदद से नहीं। भागवत मंगलवार को यहां माधव सेवा आश्रम की नवनिर्मित भवन के लोकार्पण करने के बाद स्वयंसेवकों को संबोधित कर रहे थे।

दूसरों की सेवा करने वाला स्वयं सेवक
भागवत ने कहा कि जो अपने लिए जीते हैं, वे पशु हैं। जो दूसरों के लिए जिएं और निस्वार्थ भाव से सेवा करें, वही स्वयं सेवक हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग कहते हैं कि संघ के लोग इतना काम करते हैं, लेकिन प्रचार नहीं करते। हम कहते हैं कि सेवा करने के लिए प्रचार की जरूरत नहीं है। सेवा तो हमारे सेवाभाव में है। उन्होंने कहा शिक्षा और स्वास्थ्य सभी का अधिकार है, जिसे सभी को दिलाना संघ का उद्देश्य है। हर व्यक्ति के पास रोटी, कपड़ा, मकान, स्वास्थ्य, शिक्षा का सामर्थ्य होना चाहिए।

सस्ती और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था के प्रयास में लगा है संघ
संघ उत्तम चिकित्सा व्यवस्था के लिए लगातार काम कर रहा है। संघ सस्ती और सुलभ चिकित्सा के लिए प्रयास कर रहा है। भागवत ने कहा कि जेपी भी संघ के स्वयंसेवकों से प्रभावित हुए थे। संघ समाज की पीड़ा काफी हद तक दूर करने का प्रयास करता है। हम बराबर समाज से जुड़े रहे हैं। बता दें कि मंगलवार को ऑल इंडिया मुस्लिम महिला पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अंबर ने मोहन भागवत से मुलाकात की।

भारत माता की जय थोपना नहीं है
इसके पहले सोमवार को मोहन भागवत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था, आपकी उपलब्धियों को देखकर लोग खुद ही भारत माता की जय बोलने लगे हैं। इसे किसी पर थोपने की जरूरत नहीं है। भारतीय किसान संघ के नए कार्यालय के उद्घाटन के बाद उन्होंने कहा था कि कृषि को भारतीय दर्शन के अनुसार देखने की जरूरत है। भागवत ने आगे कहा था कि दुनिया सुख-शांति के लिए तीसरा रास्ता देख रही है, जो उसे भारत से ही मिलेगा। सुख-शांति की राह दिखाने वाला नया भारत हम लोगों को बनाना होगा। काम करने वालों का ऐसा समूह बनाना चाहिए, जो पूरे भारत में काम करे। इसीलिए हमारा संगठन ऐसे काम में लगा हुआ है।

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